मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिढवल मोड़ स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा से धोखाधड़ी करके निकाली गई 32 लाख रुपये की रकम के मामले में पुलिस ने गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज किया। इसमें शाखा प्रबंधक यजवेंद्र सिंह ने तीन को नामजद किया है। पुलिस ने मामले को धोखाधड़ी की धारा में दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिढवल बाजार स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा में दिसंबर 2017 में फर्जीवाड़ा कर लापता व्यक्ति ढेड़ी पुत्र छितनी के नाम से किसी ने फर्जी खाता खोला और उसके नाम पर फोर लेन कार्यालय से मिली 32 लाख दस हजार 859 रुपया निकालकर फरार हो गया। जबकि ढेड़ी पुत्र छितनी मूलरुप से दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बसारतपुर गांव निवासी है। वह वर्ष 1973 से लापता है। उसके भाई शिवकुमार के अनुसार दो माह पूर्व जब उसके लापता भाई का आधारकार्ड डाक से घर आया, तभी उसे इस बात का डर हुआ। इस दौरान वह थाने से लेकर फोरलेन कार्यालय तक को लिखा पढ़ी कर सच्चाई से अवगत करा दिया था। साथ ही भाई के लापता होने के सबूत को दिया था। इसके अलावा संपत्ति से भाई के नाम को हटवाने के लिए कोर्ट में मुकदमा भी किया था।
शिवकुमार के भाग दौड़ करने पर शाखा प्रबंधक ने पांच फरवरी को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी थी। लेकिन उस समय पुलिस किसी तरह की तहरीर मिलने से इंकार की थी। लेकिन दो दिन बाद गुरुवार को पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज किया। दर्ज मामले में शाखा प्रबंधक यजवेंद्र सिंह ने फर्जीवाड़ा कर खाता खुलवाने और रुपया निकालने का आरोप लगाते हुए तीन लोगों को आरोपित किया है। यजवेंद्र सिंह ने ढेड़ी पुत्र छितनी निवासी बसारतपुर के साथ पकड़ी गांव निवासी संजय सिंह और विपिन को नामजद किया। विपिन सिंह का नाम पता अज्ञात बताया गया है, लेकिन सूत्रों से पता चला कि विपिन सिंह बैंक के कर्मचारी है, उन्होंने खाते को तस्दीक किया था। इसीक्रम में नामजद संजय सिंह ने बैंक को बताया था कि यह व्यक्ति उनके यहां बीते पांच वर्ष से चालक रहा है। परिचालन अधिकारी सुजाता यादव द्वारा खोले गए इस खाते में 15अप्रैल को आरटीजीएस के माध्यम से 3210859 आया। जिसे विभिन्न तिथियों में क्रेडिट के माध्यम से कई खातों में रुपया भेजा गया। इस संबंध में सीओ घोसी अर्सलान सिद्दीकी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।