मऊ। शहर के छित्तनपुरा सहन में मंगलवार की रात माइनॉरिटी स्टूडेंट्स फोरम की ओर से एक शाम तालीम के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इन्हें स्मृति चिन्ह और मेडल के अलावा आर्थिक सहायता धनराशि भी प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि उपस्थित जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि व्यावसायिक युग में भी छात्र यदि तकनीक का प्रयोग करें तो उन्हें अच्छे मुकाम हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा। कई देश ऐसे हैं जहां शिक्षा अच्छी है, पर संभावनाएं कम। ऐसे में यदि मन से पढ़ाई की जाए, तो निश्चित रूप से कामयाबी मिलेगी। पूर्व सांसद राज्य सभा सालिम अंसारी ने कहा कि इस प्रोग्राम से इल्म के मैदान में संघर्ष करने वाले बच्चों का मनोबल बढ़ा है। माइनॉरिटी स्टूडेंट्स फोरम के डायरेक्टर अरशद जमाल ने कहा कि हमारे बच्चे रोजी रोटी की तलाश में विदेश पलायन कर रहे हैं ताकि वह अपने माता-पिता और बहन भाइयों को दो वक्त की रोटी के साथ बेहतर तालिम दिला सकें। डा. संजय सिंह ने कहा कि स्वस्थ्य मन से ही स्वस्थ्य दिमाग का संचालन संभव हो सकता है। ओवैस तरफदार ने कहा कि अभिभावक अपनी गाढ़ी कमाई से बड़ी रकम बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने को तत्पर रहते हैं। प्रबंधक मुरलीधर यादव ने कहा कि मार्डन एजूकेशन की बातें बोर्ड की परीक्षा में भी दिखनी चाहिये। दिल्ली से आए वरिष्ठ शिक्षाविद जमील अहमद ने कहा कि बच्चों में जुनून पैदा करने की आवश्यकता है न कि उन पर दबाव बनाकर। बीएचयू की छात्रा जेबा फिरदौस ने कहा कि महिलाओं को अदब के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरुरत है।