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24 घंटे में 30 सेमी बढ़ा घाघरा का जलस्तर

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दोहरीघाट। लगातार हो रही बारिश से घाघरा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें तेज हो गई है। घाघरा का दबाव नगर में स्थित मुक्तिधाम तथा शवदाह घाट पर बढ़ता जा रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर से नगर के एतिहासिक धरोहरों पर खतरा मड़राने लगा है। घाघरा के तटवर्ती इलाके के गांवों में नदी का पानी घुसने के डर से लोगों की नींद उड़ गई है। गत वर्ष घाघरा की कटान से शवदाह घाट की सीढ़ियां तथा टिन शेड घाघरा में समा गए थे। इसके बावजूद शवदाह घाट को बचाने का अभी तक स्थाई उपाय नहीं किया जा सका है।
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नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो सोमवार को नदी का जलस्तर 66.80 मीटर रहा। जबकि मंगलवार को 30 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 67.10 मीटर पर बह रही थी। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है। बारिश के बाद नदी में उफान आने के बाद नदी के रौद्र रुप तथा कटान शुरू हो जाने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला और मुक्तिधाम पर संकट के बादल मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं। घाघरा की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही है।
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