हलधरपुर। खरीफ सीजन के पीकआवर में दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध कुशाडीह माइनर में टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अगेती धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन माइनर में पानी तली में रहने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
कुशाडीह माइनर से क्षेत्रके छिछोर, गहना, मलपुर, कड़वरा, सेमराजपुर ,बिलौझा सहित एक दर्जन गांव की लगभग दो हजार एकड़ उपजाऊ जमीन की सिंचाई कि जाती है। जून माह बीतने को है लेकिन टेल तक पानी नहीं पहुंचने से खेती किसानी पर संकट गहराया जा रहा है। किसानों के अनुसार मई माह में डाली गई नर्सरी रोपाई योग्य हो गई है, लेकिन माइनर में पानी तली में रहने से रोपाई का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। माइनर में मांग के अनुरूप पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस संबंध में किसान नेता नरेंद्र सिंह बघेल, भगवान सिंह, राम इकबाल, राजनरायन मिश्र, मुन्ना सिंह का कहना है कि किसानों की जरूरत के समय माइनर में पानी छोड़ा ही नहीं जाता है। इस समय माइनर में मांग के अनुरूप पानी छोड़ने की सख्त जरूरत है। पंपिंगसेट से 110 से 150 रुपये प्रति घंटा कि दर से सिंचाई करना सबके बस की बात नहीं है। माइनर में अविलंब पानी नहीं छोड़ा गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।