मऊ। सरकार की तरफ से किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए की जा रही तमाम कवायद विभागीय उदासीनता से सफल होती नजर नहीं आ रही है। गेहूं खरीद शुरू होने के अब तक 105 किसानों से 6477.90 कुंतल खरीद की जा सकी है। कई क्रय केंद्रों पर बोरे का अभाव होने से किसानों को चक्कर काटना पड़ रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी बोरा न होने का रोकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 46 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पीसीएफ, विपणन, एफसीआई सहित तीन एजेंसियों को खरीद करने की जिम्मेदारी दी गई है। खरीद का लक्ष्य 5300 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। पीसीएफ से संबद्ध कई क्रय केंद्रों पर बोरा न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। किसान क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन बोरा न मिलने पर बैरंग लौट जा रहे हैं। विभाग की तरफ से अब तक 105 किसानों से 6477.90 कुंतल गेहूं की खरीद हो पाई है। रानीपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के खुरहट स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर बोरा का अभाव रहने से खरीद बंद रही। ऐसे में किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। अब तक 500 कुंतल खरीद हो चुकी है। किसानों का कहना था कि इस समय पैसे की सख्त जरूरत है, लेकिन क्रय केंद्र पर बोरा ही नहीं है। कब बोरा आएगा पता नहीं चल पा रहा है। इसी क्रम में साधन सहकारी समिति पर खरीद गति काफी धीमी रही। अब तक 160 कुंतल खरीद की गई है। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा का कहना है कि सभी क्रय केंद्रों पर बोरा भेजा गया है। जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।