छठ पूजा व्रत रखने के साथ ही लेटकर नगर के बमघाट को जाते राजेश कुमार।संवाद
मऊ। नगर के न्याज मुहम्मदपुरा निवासी 62 वर्षीय राजेश कुमार परिवार की सुख समृद्धि के लिए नौ वर्ष से छठ पर कठिन साधना कर रहे हैं। वह घर से लेटकर छठ घाट तक जाते हैं। राजेश ने बताया कि वर्ष 2016 को परिवार की सुख समृद्धि और पुत्र प्राप्ति की कामना लेकर छठ व्रत शुरू किया। कठिन व्रत कर मुहल्ला स्थित अपने घर से जमीन पर लोटकर छठघाट तक जाते हैं। पांच वर्ष बाद छठ मां की कृपा से पुत्र कामना पूरी होने के साथ कई रुके कार्य पूरे हो गए। उसी के बाद उन्होंने उत्साह के साथ व्रत शुरू कर दिया। राजेश ने बताया कि छठ व्रत के दौरान हाथ में लकड़ी का टुकड़ा रखते हैं, जो आम के पेड़ का टहनी होती है। स्वयं जमीन पर पूरी तरह लेटकर लंबाई के बराबर निशान जमीन पर लगाते हैं। इसके बाद उसी निशान पर खड़े होकर दंड प्रणाम करते हैं। यह दंड प्रणाम शाम और सूर्योदय के अर्घ्य के दौरान घर से छठ घाट तक पहुंचने के लिए करते हैं। जो भक्त छठी और सूर्य भगवान की श्रद्धापूर्वक आराधना करते हैं, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। सूर्य भगवान के 12 नाम हैं। जिनकी भी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है, वह सूर्य भगवान के 12 नाम का जाप करते हुए जमीन पर लेटकर घर से छठ घाट तक दंड देकर जाते हैं।