अब जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों की ग्रेडिंग होगी। इसके लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा परिणाम के आधार पर शिक्षकों की क्षमता का आकलन करने के साथ ही विद्यालयों का ग्रेड तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने 11 से 20 फरवरी के बीच परीक्षा कराने का निर्देश जारी किया था लेकिन बोर्ड परीक्षा के चलते इसे रोक दिया गया है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.34 लाख बच्चों का नामांकन किया गया है। शासन की तरफ से बच्चों के शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए विद्यालयों के ग्रेड निर्धारण के लिए 11 से 20 फरवरी के बीच परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए होगी। इसमें प्रत्येक परिषदीय विद्यालय के समस्त नामांकित बच्चे को बैठना होगा। परीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि बच्चों के ज्ञान और सीखने का स्तर कैसा है। इसका जो भी परिणाम आएगा, उसके आधार पर विद्यालयों को ए, बी या सी ग्रेड दिया जाएगा। ग्रेड निर्धारण के बाद बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए ध्यान दिया जाएगा। प्रश्नपत्र में जितने भी प्रश्न होंगे, वे सभी बहुविकल्पीय होंगे।शासन स्तर से बुकलेट, उत्तर पत्रक गोपनीय ढंग से मुहैया कराया जाएगा। परीक्षा
कोट
परिषदीय विद्यालयों के ग्रेडिंग के लिए परीक्षा कराई जाएगी। लेकिन इस समय बोर्ड परीक्षा चल रही है। वैसे प्रक्रिया चल रही है।बोर्ड परीक्षा के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से परीक्षा कराई जाएगी।
आरसी यादव, डायट प्राचार्य