फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशा, तनाव से युवाओं में बढ़ रही मानसिक बीमारियां

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस (निमहांस) बेंगलुरू की देशव्यापी सर्वे में सामने आ चुका है कि नशे और तनाव की वजह से डिप्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बीमारी की गिरफ्त में सबसे ज्यादा युवा आ रहे हैं। यह बात गुरुवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में सीएमओ डा. सतीशचंद्र सिंह ने कही।
विज्ञापन

वह गुरुवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर 10 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक आयोजित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के दूसरे दिन आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे। संगोष्ठी में नोडल अधिकारी डा. पीके राय ने कहा कि जीवन शैली में तेजी से बदलाव आ रहा है। बच्चों में पढ़ाई का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब 40 फीसदी युवा ही होते हैं। डॉ. एम लाल ने कहा कि नशा छोड़ योग-व्यायाम कर तनाव और मानसिक बीमारियों से बचा जा सकता है।
इससे पहले सीएमओ कार्यालय से जागरूकता रैली निकाली गई। जो कि बालनिकेतन तिराहा और सदर बाजार होते हुए वापास कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में पोस्टर, प्रेजेंटेशन और व्याख्यान से मानसिक बीमारियों के बारे में बताया गया। इस मौके पर सीएमएस डा. बृजकुमार, सीएमएस डा. आरके गुप्ता, डा. वकील अली, डा. एसपी अग्रवाल, डा0 बी0 कुमार, डा. अश्वनी सिंह, दुर्गा प्रताप सिंह और आनंद पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे। इसके अलावा घोसी, फतेहपुर मंडाव, मुहम्मदाबाद गोहना, परदहा, कोपागंज, रतनपुरा और रानीपुर सीएचसी के साथ जिले के सभी 38 पीएचसी केंद्रों पर संगोष्ठी आयोजित हुई।
विज्ञापन


होमियोपैथी दवाएं कारगर
मऊ। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर राजकुमार गिरजा देवी मेमोरिय ट्रस्ट के तत्वाधन में गाजीपुर तिराहा स्थित डा. नम्रता श्रीवास्तव के निज आवास पर संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी में होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डा. अरविंद्र श्रीवास्तव ने मानसिक रोगों का इलाज होमियोपैथिक निदान के बारे में विस्तार पूर्वक लोगों को जानकारी दी। इस मौके पर रामविजय, प्रफुल खरवार, हरिनरायण पांडेय, प्रिंयका राय, शबमन, शाहिना, राजकुमार, मंशा और लक्ष्मी आदि मौजूद रही।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें