मऊ। तंबाकू निषेध को लेकर नगर के हिंदी भवन में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नशा करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहा कि तंबाकू की महामारी दुनिया भर में फैली हुई है। हर साल तंबाकू धूम्रपान लगभग छह मिलियन लोगों की मौत का कारण बनता है। खासकर बच्चों व युवाओं के लिए हानिकारक है। लगभग 40 फीसदी बच्चे और युवा घर पर परोक्ष धूम्रपान का सामना करते है और उनके स्मोकर बनने की ज्यादा जोखिम रहती है। उन्होंने कहा कि निकोटिन रीप्लेसमेंट थेरेपी से धूम्रपान करने वाले के धूम्रपान छोड़ने की संभावना दोगुनी हो जाती है। डॉ. अश्वनी सिंह ने तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान व बचाव के संबध में जानकारी दी। शिविर डीपीएम रविंद्रनाथ के दिशा निर्देशन में आयोजित हुआ। अपर सीएमओ डॉ. पीके राय ने तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव पर व्यापक प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके सेवन से विश्व में साठ लाख व भारत में नौ लाख लोगों की मौत होती है। सार्वजनिक स्थलों पर नशा करने वालों के विरूद्ध विधि के अनुरूप कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। इस मौके पर डा. एम लाल, डा.एसपी अग्रवाल, डा.अश्वनी सिंह, दुर्गाप्रसाद, कामाख्या मौर्या, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।