रतनपुरा। ब्लाक के नगवां गांव में 12 विकास कार्य कागजों पर दिखाकर 60 लाख रुपये हड़प लिए गए है। इस मामले में जांच समिति ने एक माह पहलें ही रिपोर्ट उप श्रमायुक्त मनरेगा को भेज दिया था। डीसी मनरेगा ने आरोपियों से धनवसूली करने के बाबत पत्र खंड विकास अधिकारी को भेजा था। लेकिन आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई न होने से गांववासियों में रोष पनप रहा था। इसकी परिणति हुई कि शुक्रवार को गांव के कई लोग जिलाधिकारी के पास पहुंच गए। गांव वासियों ने आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने दो दिन के अंदर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
बता दें कि पूर्व सैनिक परमात्मा नंद सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर गांव में विकास कार्यों में धांधली करके 60 लाख रुपये हड़प लेने की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय समिति ने जांच किया। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार बलिराम चौहान के गाटा संख्या 167 में पोखरा खुदाई , राजनारायण सिंह के खेत 633 में पोखरा खुदाई ,राजू चौहान के खेत 59 में पोखरा खुदाई ,हरेंद्र राजभर के खेत में पोखरा खुदाई पर लाखों रुपये लिए गए हैं जबकि इन सभी के खेतों में जौ और गेहूं की फसलें लहलहा रही हैं।इसके अलावा गाढ़ा ताल से पुलिया तक नाला खुदाई, क्षेत्र पंचायत द्वारा नगवा नसीरपुर का नाम बदलकर सड़क का निर्माण केशव के घर से हरेंद्र के घर तक खड़ंजा का फर्जी निर्माण , शैलेश के खेत से सुरेंद्र के नलकूप होते हुए बृजेश सिंह तथा छत्रधारी सिंह( बृजेश और छत्राधारी बाप बेटे हैं) के खेत तक नाला खुदाई, सुरेश के खेत मेन खड़ंजेतक मिट्टी कार्य , जनार्दन के खेत से महादेव पांडेय के खेत तक मिट्टी कार्य ख् फागू धोबी के खेत से विजई यादव के खेत तक मिट्टी कार्य , राम लाल के खेत से लुटावन के खेत तक मिट्टी कार्य धरातल पर कराए ही नहीं गए हैं। इन 12 कार्यों को दिखाकर 60 लाख रुपयों का भुगतान फर्जी तरीके से ले लिया गया पाया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट 20 फरवरी को ही दे दिया। जांच समिति के अनुसार इप फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान रमेश चौहान,तत्कालीन सेक्रेटरी वीरेंद्र प्रसाद , और तकनीकी सहायक प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए थे। इन पर कोई कार्रवाई न होने पर गांव के लोगों में नाराजगी थी।शुक्रवार को परमात्मा नंद सिंह के साथ गिरजा शंकर,धुव नारायण, रामध्यान चौहान, राम ध्यान गुप्ता , विपुल सिंह, विजय चौहान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लोगों ने आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताया। डीएम ने दो दिन के अंदर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का भरोसा दिया।