मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने हत्या का प्रयास और दुराचार सहित तीन मामलों में चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी के तर्को को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
पहला मामला कोतवाली मुहम्मदाबादगोहना क्षेत्र का है। पुरानी रंजिश को लेकर महरुपुर गांव निवासिनी वादिनी मुकदमा शकीला खातून के पति मुहम्म्द आरिफ और अन्य को 19 मई 2017 को चाकू और लाठी डंडा से मारकर जान से मारने का प्रयास किया गया। मामले में आरोपी दिलसाद पुत्र निसार और नुरुलैन उर्फ मुन्ना पुत्र स्व. यूूसूफ की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी शिवदत यादव के तर्को को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। वादिनी मुकदमा को शादी झासा देकर आरोपी ने दुराचार किया। जब वह गर्भवती हो गयी तो उसका गर्भपात करा दिया। मामले में आरोपी मुंशीपुरा मुहल्ला निवासी मोहम्म्द रईश पुपत्र अफजाल की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी के तर्को को सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। तीसरा मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। एसआई रमेश कुमार ने आठ फरवरी 2018 को एक हजार लीटर मिलावटी शराब और शराब बनाने का उपकरण बरामद किया था। मामले में आरोपी फलवरिया बड़की बारी गांव निवासी त्रिलोकी पुत्र बाढू प्रसाद की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी के तर्को को सुनने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया।