स्वदेशी जागरण मंच की ओर से शहर के प्रतिष्ठित शीतला माता मंदिर में दीपदान का कार्यक्रम पूरे जोश और उत्साह के साथ मंगलवार को किया गया। स्वदेशी जागरण मंच के लोगों ने कहा कि समाज में स्वदेशी के प्रति विश्वास बढ़ा है लोग मिट्टी के दियों को झालर और मोमबत्ती से अधिक महत्व दे रहे हैं। हमारे भीतर अज्ञान का तमस छाया हुआ है। वह ज्ञान के प्रकाश से ही मिट सकता है। ज्ञान दुनिया का सबसे बड़ा प्रकाश दीप है। जब ज्ञान का दीप जलता है तब भीतर और बाहर दोनों आलोकित हो जाते हैं। अंधकार का साम्राज्य स्वत: समाप्त हो जाता है। ज्ञान के प्रकाश की आवश्यकता केवल भीतर के अंधकार मोह-मूर्च्छा को मिटाने के लिए ही नहीं अपितु लोभ और आसक्ति के परिणामस्वरूप खड़ी हुई पर्यावरण प्रदूषण और अनैतिकता जैसी बाहरी समस्याओं को सुलझाने के लिए भी जरूरी है। कहा कि आज विज्ञान का युग है। सारी मानवता विनाश के कगार पर खड़ी है। मनुष्य के सामने अस्तित्व खत्म होने का प्रश्न बना हुआ है। मानव जाति अंधकार में गिरती जा रही है। विवेकी विद्वान उसे बचाने के प्रयास में लगे भी हैं। सत्य, दया, क्षमा, कृपा, परोपकार आदि के भावों का मूल्य पहचाना जा रहा है। ऐसी स्थिति में उपनिषद का तमसो मा ज्योतिर्गमय वाक्य उनका मार्गदर्शन करने वाला महावाक्य है। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के सम्पर्क प्रमुख विशाल पाण्डेय, कृष्ण कान्त राय, भाजपा के जिला महामंत्री आनन्द प्रताप सिंह, प्रदीप कुमार राव, डा. प्रशांत पाण्डेय, शरद राय,ब्रजेश गिरी, संग्राम सिंह, अश्विनी सिंह, अजीत सिंह, मुकेश सिंह आदि उपस्थित रहे।