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अनुकरणीय है भगवान शंकर का जीवन

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मऊ। जहां प्रेम,सत्य तथा समर्पण व त्याग होता है वहीं रामायण है। वहां महाभारत है। सत्य का संग अर्थात सत्संग में आने पर दुष्ट तथा कुसंगी व्यक्ति भी सदाचारी हो जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सदैव जोड़ने का काम करते हैं। जबकि सांसारिक माया जाल इसके ठीक विपरीत तोडने का कार्य करते हैं। उक्त विचार हैं श्री हनुमान कृपा सेवा समिति के प्रमुख कमलेश जी महाराज के। वे रौजा स्थित कैलाशपुरी मंदिर पर आयोजित रामकथा के दौरान उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे। कहा कि भगवान शंकर का जीवन अनुकरणीय है। उन्होंने विष को पीकर समग्र संसार का कल्याण किया।समाज और प्रकृति से जोडने के लिए परम ब्रह्म परमेश्वर में स्वयं मानव रुप में महादेव का स्वरुप धारण किया। इस दौरान चंद्रशेखर अग्रवाल, आनंद गुप्ता, सत्यजीत राय, ओमप्रकाश प्रजापति, पवन पांडेय, सुधीर गुप्ता, मनोज कुमार आदि शामिल रहे।
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