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घाघरा ने पार किया लाल निशान

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मऊ (दोहरीघाट)। नेपाल द्वारा 65000 क्यूसेक पानी छोड़ने से घाघरा में अचानक उफान आ गया । सोमवार को घाघरा ने लाल निशान पार कर लिया। समाचार लिखने तक घाघरा खतरे के निशान से पांच सेंटर मीटर ऊपर बह रही थी। 24 घंटे में घाघरा के जल स्तर में 19 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है। गौरीशंकरघाट पर घाघरा का जलस्तर सोमवार को 69.95 दर्र्ज किया गया। यह खतरा बिन्दु से 5 सेमी0 ऊपर है। रविवार को जलस्तर 69.74 मीटर था जबकि यहां पर खतरा बिन्दु 69.90 मीटर है। नदी के खतरा बिन्दु पार करते ही नगरवासियों सहित घाघरा के तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कने तेज हो गयी हैं ।नदी के बढ़ने से नगर की अनेक ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, दुर्गा मन्दिर, लोक निर्माण विभाग का डाकबंगला, डीह बाबा का मन्दिर, शाही मस्जिद, हनुमान मन्दिर आदि का अस्तित्व खतरे मडराने लगा है। घाघरा की प्रलयंकारी लहरें भारत माता मन्दिर व शवदाह घाट पर टक्कर मार रही हैं जिससे इन दोनों स्थलों पर खतरा बढ़ गया है ।प्रशासन द्वारा इन स्थलों के बचाव की स्थायी व्यवस्था न होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पिछले दिनों शवदाहघाट का एक पाया टूटकर नदी में विलीन हो गया है। नदी के खतरा बिन्दु पार करने के डर से नगर के तीन मुहल्ले भगवानपुरा, मल्लाह टोला व दलित वस्ती में कभी भी पानी घुस सकता है जिससे स्थिति विशम हो सकती है यदि इन मुहल्लों में पानी घुस सकता है। अगर ऐसी स्थिति आती है तो लोगों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ेगा। उधर नदी के दो दिन लगातार बढ़ने से घाघरा के तटवर्ती इलाकों के गांवों को बचाने के लिए बने तीन बंधों धनौली, लोहड़ा, नवली, चिऊँटीडॉड़ रिंग बांध तथा बीबीपुर बेलौली बंधे के करीब पानी पहुंच गया है। बंधों की मरम्मत न होने से जर्जर बंधों पर अगर पानी टकराया तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। तटवर्ती इलाकें के गावों धनौली रामपुर, नई बाजार, चिऊटीडॉड़, नवली, बहादुरपुर, सरयां, पतनई, बीबीपुर, ताहिरपुर, गोधनी, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, ठाकुरंगावं, कोरौली, बेलौली, ठिकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में पानी घुसने के डर से लोग आशंकित हो गये है।
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