फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: तीन ग्राम पंचायतों में 61.48 फीसदी मतदान

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। जिले के तीन ब्लाॅकों में ग्राम पंचायत प्रधान के तीन पदों पर बुधवार को हुआ उपचुनाव को शांतिपूर्ण रहा। तीनों ग्राम पंचायतों में 61.48 फीसदी मतदान हुआ। कुल 4902 मतदाताओं में से 3014 ने मतदान किया।
विज्ञापन

सुबह से दोपहर 12 बजे तक मतदान का ग्राफ बेहतर रहा, लेकिन दोपहर के बाद यह बेहद कम हो गया, जहां दुबारा तीन बजे से आखिरी चरण तक मतदान का ग्राफ बढ़ा। तीनों ग्राम पंचायतों में चुनाव के दौरान विवाद सामने नहीं आया, केवल एक केंद्र भुड़सरी में एक महिला ने अपना मतदान न करने के बाद भी मतदान होने का आरोप लगाया।
बुधवार की सुबह सात बजे रानीपुर ब्लाॅक के भेड़ियाधर ग्राम पंचायत में चुनाव शुरू हुआ। यहां ग्राम प्रधान प्रत्याशी के तौर पर चार प्रत्याशी सुनिता, अर्चना, सीता, शारदा के भाग्य के फैसला को 1383 मतदाताओं सुबह सात बजे से चुनाव शुरू किया गया। यहां बनाए गए एक मतदान केंद्र के दो बूथ पर सुबह सात बजे से नौ बजे तक पहले चरण में 25 फीसदी मतदाता मतदान किया। जबकि 11 बजे तक 35 फीसदी तो तीसरे चरण में एक बजे तक 40.96 फीसदी मतदान हुआ।
विज्ञापन

वहीं चौथे चरण में 59.5 फीसदी मतदान हुआ। जबकि पांचवें और आखिरी चरण में 62.44 मतदान हुआ। यहां 1383 मतदाताओं में से 863 मतदाताओं ने मतदान किया।
वहीं दोहरीघाट ब्लाॅक के शाहपुर ग्राम पंचायत में दो उम्मीदवार दिवंगत प्रधान की पत्नी सुनीता देवी और चंदशेखर के बीच मुकाबला हुआ। यहां पहले चरण में 10 फीसदी तो दूसरे चरण में बीस फीसदी तक मतदान हुआ, जबकि 12 बजे के बाद से शाम पांच बजे तक 57 फीसदी मतदान हुआ। यहां 1129 मतदाताओं में से 619 मतदाताओं ने मतदान किया।
वहीं रतनपुरा ब्लाॅक के भुड़सरी ग्राम पंचायत में तीन उम्मीदवार दिवंगत प्रधान की देवरानी ममता देवी के साथ अन्य उम्मीदवार रानी और समरेजिया ने चुनाव में उतरी हैं। यहां 2390 मतदाताओं में 1532 मतदाताओं ने मतदान किया। यहां मतदान का ग्राफ 67.86 फीसदी रहा। तीनों जगहों पर चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बेहतर रही, लेकिन इस चुनाव में युवाओं की भागीदारी में गिरावट देखने को मिली।
बाहर से मतदाताओं को बुलाने में नहीं दिखाई रूचि
मऊ। इस उपचुनाव में परदेश रह रहे मतदाताओं को प्रत्याशियों ने नहीं बुलाया। इसके पीछे तर्क था कि यह उपचुनाव के बाद जल्द ही पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव होगा, जिसमें अब कुछ माह ही शेष बचे हैं। अप्रैल 2021 में पंचायती चुनाव के आंकड़े देखे तो शाहपुर ग्राम पंचायत में तीन प्रत्याशियों ने मुंबई, दिल्ली, गुजरात सहित अन्य जगहों पर रहने वाले 135 लोगों का टिकट कराकर बुलाया था। लेकिन इस बार में इसमें से एक भी नहीं आए। वहीं रतनपुरा ब्लाॅक के भुड़सरी ग्राम पंचायत में पिछले चुनाव में 200 से ज्यादा लोगों को बुलाया था, वहीं यहीं स्थिति भेड़ियाधर ग्राम पंचायत में थी, जहां 170 लोगों को बुलाया गया।

इस चुनाव में कहीं चार तो कहीं पांच फीसदी कम हुआ मतदान
मऊ। शाहपुर में अप्रैल 2021 के चुनाव में चार प्रत्याशी थे, जहां 750 मतदाताओं ने मतदान किया था। यह ग्राफ 63 फीसदी था। जबकि इस उपचुनाव में 619 मतदाताओं ने मतदान किया जिससे यह ग्राफ 57 फीसदी पहुंचा। दो बूथाें के आंकड़े देखे तो इस उपचुनाव में पहले बूथ पर 358 तो दूसरे बूथ पर 261 मत पड़ी। वहीं भुड़सरी में इस उपचुनाव में करीब 68 फीसदी मतदान हुआ जबकि अप्रैल 2021 में हुए चुनाव में यहां मतदान का ग्राफ 75 फीसदी था।

जेठानी की विरासत बचाने उतरी देवरानी
मऊ। बीते दस जनवरी को भेड़सुरी ग्राम पंचायत की प्रधान ममता देवी के निधन पर रिक्त सीट पर उसकी देवरान ममता इस मैदान में अपनी जेठानी का वरासत बचाने के लिए उतरी हैं। यहां मुकाबला दो प्रत्याशी ममता और रानी के बीच माना जा रहा है। वहीं भेड़ियाधर ग्राम पंचायत के प्रधान रूपया देवी का बीमारी से 29 जुलाई 2024 को निधन हो गया था। वहीं शाहपुर ग्राम पंचायत प्रधान गिरिजाशंकर कन्नौजिया का निधन बीते अप्रैल में हुआ था। इस बार चुनाव में दिवंगत प्रधान की पत्नी सुनीता देवी अपने पति की विरासत बचाने उतरी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें