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मुद्दा----स्वास्थ्य: उद्घाटन के 13 माह बाद भी सीएचसी का नहीं जारी हुआ शासनादेश

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कुसुम्हा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के लोगों के अपेक्षाओं पर खरा उतरता नजर नहीं आ रहा है। शासन की तरफ से 13 माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्रदान तो किया गया, लेकिन अभी तक शासनादेश जारी न होने के चलते सुविधाएं बहाल नहीं की जा सकी है। स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद रिक्त चल रहा है। प्रदेश सरकार के वन मंत्री दारा सिंह ने जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया था तो लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने की मांग उठाई थी। अब प्रबुद्ध वर्ग तथा क्षेत्र के लोगों ने लोकसभा चुनाव में दौरे पर जाने वाले जनप्रतिनिधियों से सवाल करने का मन बनाया है। दोहरीघाट ब्लाक की आबादी लगभग 1.79 लाख की आबादी वाले दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के लोगों को जब 13 माह पूर्व ब्लाक मुख्यालय स्थित लाखों की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का उद्घाटन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने किया था तो बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी, लेकिन अब मायूस दिख रहे हैं। हालत यह है कि अभी तक शासनादेश जारी न होने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की ही सुविधा मिल रही है। नौ चिकित्सकों के सापेक्ष चार चिकित्सक की ही तैनाती है। स्त्रीरोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद रिक्त चल रहा है। अल्ट्रासाउंड तथा एक्सरे की सुविधा तक नहीं है। इससे गंभीर मरीजों को 40किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। दवाओं का अकाल रहता है। गंभीर रोग की स्थिति में चिकित्सक रेफर कर इतिश्री कर ले रहे हैं। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. फैजान अहमद ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन लिखित शासनादेश न मिलने के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर की ही सुविधा मिल रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।
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