दो दिन पहले तक जहां पोषण पुर्नवास केंद्र में केवल दो बच्चे भर्ती थे, वहीं मंगलवार तक भर्ती कुपोषित बच्चों की संख्या 5 हो गई। दरअसल अमर उजाला द्वारा 13 जनवरी को जिले में कुपोषित की भरमार के बाद भी एनआरसी खाली होने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनआरसी में पिछले दो दिनों में तीन कुपोषित बच्चों को आरबीएसके टीम द्वारा भर्ती कराया गया। वहीं मंगलवार को कोपागंज ब्लाक से एक विचित्र बीमारी से पीड़ित 6 माह की बच्ची को आरबीएसके टीम ने भर्ती कराया। जहां उसका उपचार चल रहा है।
जले में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 8996 तो कुपोषित बच्चों की संख्या 42725 है। बावजूद कुपोषण दूर करने के लिए जिम्मेदार महिला बाल विकास की टीम द्वारा कुपोषित बच्चों को पोषण केंद्र में नहीं भर्ती कराया जा रहा था। जिस पर 13 जनवरी को अमर उजाला द्वारा ‘अभियान को पलीता लगा रहे जिम्मेदार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को कोपागंज आरबीएसके टीम के लीडर डॉ. शैलजाकांत पांडेय द्वारा 2 तथा घोसी आरबीएसके टीम द्वारा 1 कुपोषित बच्चों को केंद्र में भर्ती कराया गया। वहीं मंगलवार शाम कोपागंज के सीडीपीओ तथा आरबीएसके टीम ने संयुक्त रूप से हाइड्रोसिफेलेश बीमारी से पीड़ित 6 माह की अतिकुपोषित बच्ची को केंद्र में भर्ती कराया।