मऊ। सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्रों पर तैनात संविदा कर्मियों द्वारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे सभी लापरवाह कर्मियों की सेवा को समाप्त करने का निर्देश जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिया है। वहीं लापरवाही संविदा चिकित्सकों को भी चार्जशीट जारी कर शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया। गुरुवार को जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की अध्यक्षता में 70 प्रारूप की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।
जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिया कि अपने द्वारा कराए गए कार्यो में तेजी लाएं। सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिया कि अपने-अपने विभाग की प्रगति ठीक रखें एवं कार्यों की गुणवत्ता भी अच्छी रखें अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाएगी। समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त होने वाली पेंशन एवं छात्रवृत्ति की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य चिकित्साधिकारी को योजनाओं को कड़ाई से लागू कराने और सभी चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने, डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहर से दवा न लिखने तथा सभी दवाओं की उपलब्धता स्वास्थ्य केंद्रों पर कराने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को इमरजेंसी में भी डाक्टरों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया।
प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेमड़ाड, रानीपुर एवं मझवारा के अधूरे कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय का निर्माण एवं फोटो अपलोडिंग की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। जिन विकास खंडों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में शौचालय नहीं बने हैं फोटो अपलोडिंग नहीं कराया गया है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। अन्यथा जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा ग्राम प्रधान के खिलाफ शासन को पत्र लिखकर अवगत कराने का निर्देश दिया। ग्राम पंचायत सरॉयशादी में अधिक फोटो अपलोडिंग के कार्य बाकी है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, समस्त उपजिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, समाज कल्याण अधिकारी सहित जिलास्तरीय अधिकारी शामिल रहे।