जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीणांचल के क्षेत्रों में बीएसएनएल का नेटवर्क इन दिनों काफी बदहाल है, नेटवर्क की दिक्कत वहां ज्यादा उत्पन्न होती है, जहां बिजली जाने के बाद बीटीएस को जनरेटर चलाकर सप्लाई नहीं दी जाती। पड़ताल में पाया गया कि बिजली जाने पर नगर क्षेत्र के गाजीपुर तिराहा, इमिलिया मुहल्ला और विकास भवन में लगाया गया जनरेटर नहीं चलता। इस संबंध में शिकायत करने पर जिला टेलीकाम प्रबंधक ओएन पांडेय ने बताया कि इस समय फंड की कुछ दिक्कत चल रही है। इसके चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है। फंड के लिए लिखा-पढ़ी की जा रही है, जल्द की समस्या का समाधान हो जाएगा।
मऊ जिले में बीते वर्ष मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या करीब एक लाख अस्सी हजार थी। लेकिन खराब नेटवर्क के चलते वर्तमान समय में लगभग एक लाख 60 हजार उपभोक्ता है। मोबाइल को निर्वाध नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे जिले में 193 बीटीएस लगाए गए है। इसमें अकेले 25 बीटीएस नगर क्षेत्र में लगाए गए है। लेकिन होता है कि बिजली जाने के बाद तब तक नेटवर्क दुरुस्त रहता है, जब तक टावरों पर बैकप के लिए लगाई गई बैट्रियां काम करती है। बैट्रियों के डिस्चार्ज होने पर बीटीएस काम करना बंद कर देता है। क्योंकि जनरेटर नहीं चलता है। गाजीपुर तिराहा निवासी पीयूष सिंह के मकान में बीएसएनएल का टावर लगाया गया है, उन्होंने बताया कि बिजली जाने के बाद कभी भी जनरेटर नहीं चलाया जाता। बोले यही हाल इमिलिया मुहल्ला और विकास भवन परिसर में लगे टावर का है। इन टावरों पर जनरेटर तो लगाया गया है, लेकिन बिजली जाने पर उसे नहीं चलाया जाता है। इस संबंध में बात करने पर जिला दूर संचार प्रबंधक ने फंड का रोना रोया। बोले जल्द की समस्या का निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए लिखा पढ़ी चल रही है। कमोवेश यही हाल इंटरनेट सेवा की है, बिजली जाने के बाद इंटरनेट बैठ जाता है।