अपर जिला जज कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने रेंट अपील के दो मामलों का निस्तारण करते हुए एक मामले में जहां अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय की पुष्टि की। वही दूसरे में प्रतिपक्षी को आदेश दिया कि वह एक माह के अंदर विवादित दो दुकानों को खाली कर उसे मालिक को सौंप दे।
मामले के अनुसार, सहादतपुरा मुहल्ला में पेट्रोल पंप के पास स्थित मकान और दुकान की स्वामी गीता देवी पत्नी स्व. रमाकांत गुप्ता और उनके लड़को की ओर से मुंशीपुरा मुहल्ला निवासी श्यामसुंदर अग्रवाल पुत्र स्व. जगरनाथ प्रसाद के विरुद्व अधिनस्थ न्यायालय के आदेश सात फरवरी 2017 के विरुद्व रेंट अपील संख्या गीता देवी आदि वनाम श्यामसुंदर दाखिल किया। गीता देवी का कथन था कि पेट्रोल पंप के पास उसके और उसके पति स्व. रमाकांत के नाम दुकान और मकान है। जिसे उसके पति ने विपक्षी श्यामसुंदर को दो दुकान को दो सौ रुपये प्रतिमाह की दर से किराए पर दिया था। जिसमें वह साडी का व्यवसाय करता है। 18 वर्ष से उन्हें किराया न देकर वह न्यायालय में जमा करता है। गीता देवी और उनके लड़को ने अदालत से खुद व्यवसाय करने की बात कह कर दुकान खाली कराए जाने का अनुरोध किया।
अपील पर गीता देवी के अधिवक्ता अशोक कुमार उपाध्याय और विपक्षी के अधिवक्ता के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का सम्यक परिशीलन करने के बाद अपर जिला जज ने गीता देवी की अपील को स्वीकार करते हुए अधिनस्थ न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए प्रतिपक्षी को आदेश दिया कि वह विवादित दुकान तीस दिन के अंदर खाली कर उसे गीता देवी और उनके लड़को को सौंप दे।