मऊ। नवंबर माह से ही ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला अप्रैल माह में भी बरकरार है। मंगलवार को अप-डाउन की कई गाड़ियों के कई घंटे विलंब से चलने के साथ स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा है। सबसे ज्यादा समस्या दूर दराज से आने वाले यात्रियों को हुई, जो ट्रेन पकड़ने के लिए निर्धारित समय से पूर्व स्टेशन पर पहुंचे थे। लेकिन ट्रेनों के विलंब होने के कई घंटे गर्मी में स्टेशन पर गुजारना पड़ा। मौसम में बदलाव के बाद रेलगाड़ियों का परिचालन किस कदर प्रभावित है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक माह के भीतर लिच्छवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को दो बार रद्द करने के बावजूद इस गाड़ी का संचालन समय पर नहीं आ सका है। मंगलवार को सीतामढ़ी से आनंद विहार जाने वाली अप लिच्छवी एक्सप्रेेस अपने निर्धारित समय से 12.35 के बजाए तीन घंटे विलंब से यहां आई। जबकि मऊ से आनंद विहार जाने वाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 6.40 के बजाए शाम को आई। वहीं बापूधाम एक्सप्रेस निर्धारित समय दोपहर 3.40 बजे से दस घंटे विलंब से चल रही थी। इसी तरह दिल्ली से आने वाली डाउन लिच्छवी सात घंटे विलंब, सरयु जमुना चार घंटे विलंब से चल रही थी। इसके अलावा वाराणसी सिटी और इलाहाबाद से आने वाली सवारी गाड़ी भी अपने निर्धारित समय से तीन से चार घंटे विलंब से चल रही थी। ट्रेनों के विलंब होने का सबसे ज्यादा खमियाजा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। दुर्गादत सिंह ने बताया कि उन्हें आनंद विहार से दिल्ली जाना था, जिसके लिए भोर में पांच बजे ही स्टेशन पर आ गए थे, लेकिन ट्रेन के सात घंटे विलंब होने की सूचना मिलने पर उन्हें बहुत मायूसी हुई। इसी तरह औरंगाबाद निवासी समीर खान, अलीज अहमद सहित कई यात्रियों ने ट्रेनों के विलंब होने के चलते परेशानी की बात कही।