घोसी। कोतवाली पुलिस ने एक शुक्रवार को एक व्यक्ति की तहरीर पर अमिला शाखा के भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व मैनेजर सहित चार के विरूद्घ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज किया। तहरीर में पीड़ित ने ग्राहक सेवा केंद्र के आड़ में लाखों की धोखाधड़ी करने आरोप लगाया। पुलिस ने मामले को धोखाधड़ी के साथ आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाला आकाश कुमार गुप्ता घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला बाजार का निवासी है, दर्ज मामले में नामजद किए गए लोगों पर आरोप लगाया कि एसबीआई की ग्राहक सेवा केंद्र को लेने के लिए वह अमिला शाखा के पूर्व मैनेजर मनोज चतुर्वेदी से मिला था। इस दौरान प्रबंधक ने उससे एसबीआई के वेबसाइट पर आवेदन करने की सलाह दी थी। आकाश के अनुसार वेबसाइट पर आवेदन करने पर उसे एक आईडी और पासवर्ड मिला । कुछ दिनों बाद सागर सेन गुप्ता नाम के एक युवक ने उसे बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर बताकर पंजीकरण फीस के नाम पर दो हजार और सिस्टम इंस्टालेशन फीस के नाम पर तेरह हजार आठ सौ रुपये जमा करा लिया। इतना ही नहीं उससे बैंक ने तीन बार में अधिकतम ट्रांजेक्शन के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ले लिया। कुछ समय बाद पुन: एग्रीमेंट और इंश्योरंस के नाम पर उससे इन लोगों ने एक लाख सत्ताइस हजार रुपये लिए। बैंक ने वेरिफिकेशन करने के नाम पर तीन लोगों ने उससे एकतालिस हजार दो सौ ,पैंतीस हजार और दो हजार दो सौ रुपये जयकांती नामक व्यक्ति के खाते में जमा कराया। पीड़ित का कहना है कि इतनी राशि जमा कराने के बाद ग्राहक सेवा केंद्र शुरू न होने पर उसके द्वारा 6 फरवरी से लगातार इन लोगों को फोन कर रहा है, लेकिन इनके ओर से कोई जवाब न मिलने पर शुक्रवार को पूर्व मैनेजर मनोज चतुर्वेदी , सागर सेन एग्रीमेंट अधिकारी ,अरुण भाटिय़ा खाता धारक ,जय कांती दास के तहत तहरीर दिया। पुलिस मामले को धोखाधड़ी के साथ आईटी एक्ट की धारा में दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु किया। सीओ घोसी अरसलान सिद्घकी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद दोषियों के विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी।