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किसान हर हाल में कराएं मिट्टी की जांच: उप निदेशक कृषि

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विश्व मृदा दिवस पर कृषि विभाग की तरफ से रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के पिलखी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में मंगलवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें खेत की मिट्टी जांच कराने पर जोर दिया गया। साथ ही मिट्टी जांच से होने वाले लाभ पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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इस मौके पर डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि खेत की मिट्टी की जांच होने से किसान को काफी फायदा होता है। फसल लगाने से पूर्व ही किसान को पता हो जाता है कि खेत की मिट्टी में किस चीज की कमी या अधिकता है। इसी आधार पर खेत में किसान रसायन, उर्वरक का प्रयोग कर सकते हैं।
इसी क्रम में उपनिदेशक कृषि डॉ. एसपी श्रीवास्तव ने कहा कि खेती के तौर-तरीकों तथा वातावरण में हुए बदलाव का असर मिट्टी तथा पानी दोनों पर पड़ा है। हर हाल में किसान खेत की मिट्टी की जांच कराएं, ताकि उन्हें दोनों चीजों की सेहत का पता चल सके। मिट्टी की जांच की सुविधा विभाग में नि:शुल्क उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने कहा कि खेतों की मिट्टी की जांच कराने से कृषि लागत में कमी आएगी। इससे आमदनी भी बढ़ सकती है। कुछ किसान सिंचाई के दौरान खेत में पानी को कई दिन तक जमा रखते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। रसायनिक उर्वरक की जितनी मात्रा की आवश्यकता हो उतनी मात्रा ही डालें। हरी खाद का प्रयोग करें। इसके अलावा गोबर की खाद भी खेत में अवश्य डालें। जैविक खाद की जितनी अधिक मात्रा डालेंगे खेत में उतने अधिक समय तक उत्पादकता बनी रहेगी। अंत में 160 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किया गया। इस अवसर पर आशीष राय, अंजनी कुमार, रामजन्म, हरेंद्र यादव, सुरेश यादव, रमाशंकर, अशोक कुमार, मुन्ना सिंह, रामशब्द, विजय शंकर, दीनानाथ, सीताराम, मनमोहन, जयप्रकाश, बीरबहादुर आदि शामिल रहे।
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