मऊ। जिले में यातायात माह मनाया जा रहा है। बावजूद इसके जाम के झाम से लोगों को मुक्ति नहीं मिल पा रही है। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र सड़कों पर डग्गामार वाहन यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। आटो रिक्शा से लेकर जीप एवं सवारी ढोने वाली गाड़ियां अपने मानक के कई गुना सवारियां लेकर चल ही रही हैं। शहर में या भींड़-भाड़ वाले स्थानों पर यातायात व्यवस्था में बाधक भी बनी हुई हैं।
नगर में सबसे में अधिक आटो रिक्शा सड़कों पर इन दिनों चल रहे हैं। हालांकि इन्हें महज तीन से चार सवारियां ही बैठाने का मानक है लेकिन इन वाहनों से ठूंसकर यात्री भरे जाते हैं और तो और इन वाहनों पर सवारियों के बैठने की जगह ना होने पर यात्री इसके पीछे खड़े भी होकर आ जा रहे हैं। शहर में पुलिस प्रशासन की डर से भले ही आटो रिक्शा, जीप या सवारी ढोने वाले संचालक यात्रियों को बिना खड़े लेकर चलते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जाने के बाद वह अत्यधिक सवारियों को भर लेते हैं।
हालांकि इन क्षेत्रों में वाहनों की कमी चलते यात्री भी अपनी यात्रा पूरी करने के लिए विवश होकर उस पर बैठते हैं। यातायात माह चलने के बावजूद इनमें कोई कमी नहीं दिख रही है। यातायात माह के दौरान पुलिस आए दिन कुछ वाहनों का चालान कर या उन्हें सीज कर अपनी औपचारिकताएं निभा दे रही है लेकिन वाहई बिना मानकों के चलने वाले आटो रिक्शा, जीप, मैजिक या डग्गामार वाहन यातायात में बाधक बने हुए हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह का कहना है कि यातायात माह के मनाए जाने के पीछे लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देने साथ ही उन्हें जागरुक करना है। यातायात नियमों के पालन के लिए सभी को जागरुक होना होगा तभी मार्ग दुर्घटनाओं में कमी आएगी। बताया कि अवैध वाहनों के विरुद्ध समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।