नगर के मुस्लिम इण्टर कालेज में व्यापारियों की एक आपातकाल बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार ‘‘मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग’’ के तत्वाधान में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल एवं उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि व्यापार मण्डल व सूत कमेटी, सर्राफ कमेटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि विरोध दर्ज कराने और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिये 10 और 11 जुलाई को मलिकताहिरपुरा रौजा कौड़ी बिल्डिंग के पास दो दिवसीय शान्तिपूर्ण धरना किया जायेगा। कपड़े पर जीएसटी के विरोध में आगामी 12 जुलाई को मऊ बन्द रखा जाएगा। सदर चौक पर 2 बजे से विरोध सभा का भी आयोजन होगा।
‘मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग’ के प्रवक्ता अकरम प्रिमीयर ने कहा कि आगामी 10 और 11 जुलाई को मऊ के सभी साड़ी व्यवसायी अपना व्यवसाय बन्द रखेंगे और रौजा के पास शांन्तिपूर्ण धरने में भाग लेंगे। वक्ताओं ने कहा कि अब तक भारत में आजादी के बाद से कपड़ा उद्योग पर किसी प्रकार का कोई कर नहीं लगाया गया था। वर्तमान सरकार ने कपड़ा उद्योग पर भी 5 प्रतिशत कर जीएसटी के रुप में लगा दिया। जबकि पहले ही धागों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया।
इस कर से छोटे एवं लघु कपड़ा उद्यम और व्यवसाय पर संकट आ गया है। बैठक में ‘मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग’ के अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के महामंत्री कन्हैया जायसवाल, उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर, सर्राफ कमेटी से मनीष कुमार, सूत कमेटी से जफर अहमद और राकेश गर्ग, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बर्नवाल, मौलवी इकबाल, शफीक अहमद , हाजी शकील सेठ, अनिल बर्नवाल, अजहर कमाल फैजी, मऊ हैण्डलूम कुटीर उद्योग के महासचिव जमाल अर्पण, जुगनु ओसवाल, शकील युनाईटे, इर्शाद एटलस, आशीष अग्रवाल, साजिद बबलू, महातम अशफाक अहमद, अरशद अल्मास, हाजी परवेज , मुस्तफा , शकील प्रिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता हाजी मुख्तार अहमद एवं संचालन मौलवी इकबाल अहमद मोहम्मदी ने किया।