मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों की सूरत जल्द बदल जाएगी। शासन ने विद्यालयों के विकास के लिए शैक्षिक सत्र 2022-23 के लिए 496.90 लाख रुपये की कंपोजिट ग्रांट जारी कर दी है। बजट विद्यालयवार छात्र संख्या के आधार पर विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजा जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त, 56 समाज कल्याण विभाग 1.80 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से बेसिक शिक्षा से संबद्ध विद्यालयों के विकास के लिए शैक्षिक सत्र 2022-23 के लिए 496.90 लाख रुपये की कंपोजिट ग्रांट जारी की गई चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालयों के सुंदरीकरण सहित अन्य कार्यो के लिए धनराशि आवंटित की जाएगी। धनराशि विद्यालयवार छात्र संख्या के आधार पर जारी की जाएगी। ग्रांट से पहली वरीयता स्वच्छता एवं हैंडवाशिंग पर रहेगी। स्वीकृत धनराशि में से 10 प्रतिशत स्वच्छता अभियान व कार्यक्रम पर खर्च होगी। विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम अथवा मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम में छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुरूप टोटियां स्थापित नहीं हैं। वहां यह राशि खर्च की जा सकेगी। शौचालय में टाइलीकरण, शुद्ध पेयजल के लिए हैंडपंप व सबमर्सिबल के पास पक्का प्लेटफार्म एवं सोख्ता गड्ढा का निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। रसोई घर में भोजन तैयार किए जाने व बर्तनों की साफ-सफाई के लिए जल आपूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी। इसके साथ शिक्षण सहायक सामग्री के तहत सभी स्कूल कक्षा-कक्षा में गुणवत्ता युक्त व्हाइट, ग्रीन बोर्ड की उपलब्धता अनिवार्य रूप से कराएंगे। सहायक वित्त एवं लेेेखाधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि शासन से 496.90 लाख रुपये रुपये की कंपोजिट ग्रांट जारी की गई है। जल्द तय मानकों के अनुसार सभी एसएमसी के खाते में जारी कर दिया जाएगा। ग्रांट का उपभोग केवल एसएमसी को करने का ही अधिकार होगा। कोई और इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।