नगर स्थित जिला सेवा योजन कार्यालय।संवाद
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मऊ। जिले में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का दावा हवाई साबित हो रहा है। सेवायोजन विभाग रोजगार मेले का आयोजन तो कर रहा है लेकिन बेरोजगारी दूर नहीं हो रही है। तीन वर्षों में 39 रोजगार मेले हुए। 25 हजार से अधिक बेरोजगारों ने आवेदन किया था, लेकिन 6358 युवाओं को ही रोजगार मिल सका। जिले में बड़ी संख्या में बेरोजगार रोजगार कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। वर्तमान में तीन हजार से अधिक युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया है। पिछले तीन सालों में पंजीकरण की संख्या 30 हजार 723 है। इसमें 19 हजार 893 पुरुष जबकि 10 हजार 830 महिला बेेेरोजगार शामिल हैं। सेवायोजन कार्यालय के अधिकारियों का दावा है कि बेरोजगारी की समस्या को देखते हुए हर साल रोजगार मेले आयोजन कर युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। विभाग के आंकड़ों पर गौर करे तो तीन वर्ष में 39 रोजगार मेले आयोति किए गए। 2020-21 में 12 मेलों में 14 हजार 218 लोग शामिल हुए, जिसमें केवल 3 हजार 102 को रोजगार मिल सका। 2021-22 में 17 मेले के लिए 10 हजार 802 युवाओं ने हिस्सा लिया जिसमें 2 हजार 868 को रोजगार मिला। जबकि 2022- 23 में 15 मेेलों में 1 हजार 33 प्रतिभागियों में 388 को रोजगार मिला है। यानी 25 हजार प्रतिभागियों में महज 6 हजार 358 युवा ही रोजगार से लाभान्वित हो सके। ऐसे में 24 फीसदी युवा रोजगार पा सकें, जबकि 76 फीसदी युवा रोजगार मेला में शामिल होने के बाद भी बेेेरोजगारी का दंश झेल रहे है। मिर्जा जमालपुर ग्राम पंचायत निवासी राहुल कुमार ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत सोलर पैनल इंस्ट्रालेशन का कोर्स किया था। जहां रोजगार मेला में उसका सलेक्शन होने के बाद वह हरियाणा में नौकरी कर रहा है। वहीं रसूलपुर निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि रोजगार मेला में उनका चयन होने के बाद उनके सपनों को एक उड़ान मिली है। प्रभारी सेवायोजन अधिकारी एमआर प्रजापति ने बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास जारी है। 39 रोजगार मेलों में छह हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मुहैया कराया गया है। आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा।