धान खरीद योजना के तहत जिले के विभिन्न इलाकों में बनाए गए धान क्रय केंद्रों पर बुधवार को धान खरीद शुरू हुई। सभी क्रय खुले रहे। कई केंद्रों पर किसान धान खरीद के बारे में जानकारी लेते देखे गए। वहीं कई क्रय केंद्रों पर अन्नदाता पंजीकरण पहुंचे। धान खरीद के पहले दिन खरीद नहीं हो सकी।
किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले मेें 49 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 33, भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र शामिल है। प्रशासन की तरफ से 60 हजार एमटी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत बुधवार से धान खरीद शुरू कर दी गई। लेकिन अधिकांश धान खरीद केंद्रों पर पहले दिन सन्नाटा पसरा रहा। इक्का दुक्का किसान धान खरीद के बारे में पता करते देखे गए। जबकि कई क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने की मारामारी की स्थिति रही। खरीद शुरू होने के पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हुई।
अधिकारियों के अनुसार अभी धान की कटाई चल रही है। किसान धान को सुखाने में लगे हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा ने जिले के विभिन्न धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्रय केंद्र प्रभारियों को दिशा निर्देश जारी किया। बताया कि सभी धान क्रय केंद्रों पर तैयारी पूरी है। धान की कटाई चल रही है। किसान धान को सुखाने में लगे हैं। पहले दिन किसान क्रय केंद्रों पर पंजीकरण कराने में लगे रहे।
धान बेचने नहीं आए एक भी किसान
अमिला। कस्बा स्थित विपणन केंद्र पर बुधवार से धान खरीद शुरू हो गई। अपराह्न बाद तक कोई किसान धान बेचने के लिए नहीं आया। कई किसान धान खरीद के संबंध में जानकारी लेते देखे गए।
क्रय केंद्र पर पसरा रहा सन्नाटा
दुबारी। क्षेत्र के गजियापुर स्थित साधन सहकारी समिति को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। किसान धान खरीद के संबंध में जानकारी लेते रहे।
किसानों की राह निहारते रहे क्रय केंद्र प्रभारी
घोसी। नगर के दालमिल परिसर स्थित विपणन विभाग के साथ पीसीएफ के धान क्रय केंद्र खुले तो रहे। लेकिन किसानों के न आने से सन्नाटा पसरा रहा। एएमओ दिवाकर ने बताया कि खरीद करने की पूरी तैयारी है। किसानों के आने पर धान की खरीदारी सरकार द्वारा निर्धारित दर से शुरू कर दी जाएगी।
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पंजीकरण कराने की रही मारामारी
रतनपुरा। ब्लाक मुख्यालय सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने क्रय केंद्रों पर धान खरीद बुधवार से शुरू हो गई। लेकिन किसी क्रय केंद्र पर एक छटांक की बोहनी नहीं हुई। विपणन केंद्र रतनपुरा पर नंबर लगाने के लिए मारामारी मची रही। स्थानीय विकासखंड में विपणन केंद्र रतनपुरा ,साधन सहकारी समिति पहसा , साधन सहकारी समिति कुडसर, साधन सहकारी समिति छिछोर, साधन सहकारी समिति अईलख सहित पांच क्रय केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार को पहले दिन विपणन केंद्र रतनपुरा पर नंबर लगाने को लेकर सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान जमा हो गए। पंजीकरण कराने के लिए मारामारी मची रही। विपणन निरीक्षक चंद्रशेखर राय ने बताया कि 30 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला है।पहले दिन 300 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया है । जबकि साधन सहकारी समिति पहसा पर 10 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ। प्रभारी एडीओ सहकारिता अनिल अमिताभ श्रीवास्तव ने बताया कि कुड़सर, छिछोर, अईलख साधन सहकारी समिति पर एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। धान क्रय केंद्रों पर आए किसान संतोष कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, हरिकेश सिंह, सुबास यादव, सनेही का कहना था कि क्रय केंद्रों पर सभी सुविधाएं बहाल की जाए।
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नहीं हुई एक भी छटांक धान की खरीद
रानीपुर। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने क्रय केंद्रों पर पहले दिन धान खरीद शुरू हुई। लेकिन किसी भी क्रय केंद्र पर एक छटांक खरीद नहीं हुई। क्षेत्र के धर्मसीपुर, डीसीएफ खुरहट, फत्तेपुर, सरसेना, चिरैयाकोट सहित पांच धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।