मऊ। जिले की घोसी सीट पर लोकसभा चुनाव को लेकर भले ही तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन इसको लेकर सरगर्मी बढ़ने लगी है। हालांकि जिले में अभी तक किसी भी राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी की घोषणा भले नहीं की है, लेकिन हर पार्टी चुनावी मोड में अर्लट पर है। हर चुनाव में प्रत्याशियों की जीत क्षेत्र के मतदाता तय करते हैं, इसमें युवा मतदाताओं की एक अहम भूमिका होती है।
इस बार घोसी सीट के लिए जिले के चारों विधानसभा के युवा मतदाताओं का मतदान का ग्राफ ही प्रत्याशियों की हार-जीत तय करेगी। दरअसल जिले में तकरीबन 48 फीसदी वोटर 39 साल से कम उम्र के है। जिले में चार विधानसभा सीट है, जिनमें कुल 16.92 लाख मतदाता पंजीकृत है।
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा सहित सभी राजनैतिक दल चुनाव में अपने प्रत्याशियों की जीत तय करने को लेकर अपने अपने वोट बैंक को संभालने में जुटा है। इस बार हर राजनैतिक दल युवा मतदाताओं का ग्राफ को देखते हुए इस पर विशेष ध्यान रखते हुए अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। हर राजनैतिक दल जानते है कि इस चुनाव में युवा वोटर काफी अहमियत रखते हैं। पिछले कुछ चुनावों में युवा वोटर का रुख जिस पार्टी की ओर रहता है उसे ही चुनाव में विजयश्री का आशीर्वाद मिलने की संभावना अधिक रहती है।
जिले में भी 18 से 39 साल की उम्र के वोटर कुल पंजीकृत मतदाताओं का करीब 48 फीसदी है। जिले में चार विधानसभा सीट मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना और मऊ सदर में 1692519 वोटर पंजीकृत हैं। इनमें 18 से 19 साल के कुल 23568 मतदाता हैं जो पहली वोट डालेंगे। इसके साथ ही 20 से 29 साल के वोटरों की संख्या कुल 313556 है। जबकि 30 से 39 साल के वोटरों की संख्या 478178 है। इस तरह से 18 से 39 साल तक के कुल वोटर 815302 है। जबकि 40 से अधिक उम्र के वोटरों की संख्या 877217 है।
वहीं जिले में सौ साल की उम्र पार कर चुके मतदाता भी अपनी पसंद का मतदाता चुनेंगे। ऐसे कुल 401 मतदाता है। इनमें 100 से 109 साल के कुल 357 तो 110 से 119 साल के 10 मतदाता पंजीकृत है। वहीं 120 साल के ऊपर कुल 34 मतदाता शामिल हैं।