वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कालेज की लापरवाही बीएड छात्र छात्राओं को भविष्य की चिंता सताने लगी है। पूर्वांचल विवि से संबद्ध मऊ जिले के कई महाविद्यालयों में वर्ष 2013-14 में बीएड संकाय में 432 छात्र छात्राओं का प्रवेश दिया गया था।
महाविद्यालयों में देर से प्रवेश लेने के कारण विश्वविद्यालय ने परीक्षा में परीक्षार्थियों को परीक्षा शामिल होने से इंकार दिया गया। परेशान परीक्षार्थी महाविद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं। पीड़ित छात्रों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध रामलगन स्नातकोत्तर महाविद्यालय जमालपुर मिर्जापुर घोसी मऊ।मडियाहू पीजी कालेज,राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय सिंगरामऊ,टीडी कालेज,राष्ट्रीय महाविद्यालय में वर्ष 2013-14 में बीएड संकाय में 432 छात्र छात्राओं का प्रवेश दिया गया था।
छात्रो को देर से प्रवेश लेने के कारण विश्वविद्यालय ने परीक्षा में बैठने से मना कर दिया था। छात्रों से निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क की वसूली भी की गई।छात्र छात्राएं खुद को अब तक ठगा महसूस कर रहे हैं।इस संबंध में रामलगन स्नाकोत्तर महाविद्यालय जमालपुर मिर्जापुर घोसी की छात्रा अर्चना राय, मधुलिका राय, प्रीति राय का कहना है कि कालेजो की तरफ से विज्ञापन निकाल कर प्रवेश लिया गया।
ऐसे में छात्रो का दोष कहां है। तीन वर्ष बीतने को है। बावजूद न तो परीक्षा कराई गई न ही पैसा लौटाया जा रहा है। इसी क्रम में पीड़ित रंजीत दुबे,शास्वत सिंह, विभा पांडेय,अजय यादव,विशाल सिंह का कहना है कि मामले की जांच कर न्याय दिलाया जाए।