शासन की तरफ से माध्यमिक विद्यालयों में एक वर्ष पूर्व मतदाता साक्षरता क्लब का गठन करने के लिए फरमान जारी किया गया, लेकिन अभी तक 511 के सापेेेक्ष 95 माध्यमिक विद्यालयों में ही क्लब का गठन हो सका है।
जिन विद्यालयों में क्लब गठन हुआ है डीआईओएस ने ऐसे माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण करने तथा सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
जिले में 16 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त तथा 428 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। चुनाव आयोग की तरफ से भावी और नए मतदाताओं की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी के लिए सभी माध्यमिक स्कूलों में मतदाता साक्षरता क्लब गठित करने के लिए एक वर्ष पूर्व फरमान जारी किया गया।
इसके तहत कॉलेजों की तरफ से निबंध प्रतियोगिता, क्विज, मतदाता जागरूकता रैली आदि कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शत प्रतिशत मतदान करने के प्रति जागरूक किया जाना था। हालत यह है कि अभी तक 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त तथा 14 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में ही क्लब का गठन किया जा सका है।
कहने को तो 95 माध्यमिक विद्यालयों में मतदाता साक्षरता क्लब का गठन कर दिया गया है, लेकिन अधिकांश विद्यालयों में कागज पर ही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इस बाबत डीआईओएस डॉ. केसी भारती का कहना है कि कार्य में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
माध्यमिक विद्यालयों में मतदाता साक्षरता क्लब के गठन तथा दिशा निर्देशों का अनुपालन में उदासीनता बरतने वाले मान्यता प्राप्त कॉलेजों की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई करने की नोटिस जारी की जाएगी।
सरकारी तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन का विस्तृत विवरण मांगा गया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।