मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने तथा उसके साथ दुराचार करने के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए सात वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही कुल 26हजार अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार वादी की 15 वर्षीय लड़की कक्षा 10 की छात्रा थी, को आरोपी 28 जनवरी 2013 को बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता से दुराचार किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना मानिकपुर जमीन हाजीपुर गांव निवासी सुदामा के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया । कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव ने कुल छह गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सुदामा को दोषी पाया। दोषी को पास्को एक्ट में सात वर्ष की सजा के साथ ही बीस हजार अर्थदंड तथा शादी से बहला फुसलाकर भगाने के मामले में तीन -तीन वर्ष की सजा के साथ ही तीन- तीन हजार अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।