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मुखिया काशव पहुंचते ही मचा कोहराम

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चिरैयाकोट। घर की बहुओं का झगड़ा थाने पहुंचना घर का मुखिया बर्दाश्त नहीं कर सका। थाने पहुंचने पर 65 वर्षीय वृद्ध को दिल का दौरा पड़ गया और बेटे की गोद में अचेत हो गया। कस्बे के एक निजी चिकित्सक के रेफर करने पर अस्पताल ले जाते जाते समय वृद्ध का निधन हो गया। इसकी सूचना घर पहुंचते ही परिजनों में रुदन मच गया। घर की महिलाएं पछता रही थीं कि काश यह झगड़ा पुलिस तक नहीं पहुंचता। सोमवार कि शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। मृतक के घर पर संवेदना देनेवालों की भीड़ लग गई।
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जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम हाफिजपुर निवासी धर्मराज यादव पुत्र स्व.रुपा यादव का भानुप्रताप, रामप्रताप व सूरज प्रताप तीन बेटे व बहुओं तथा पोते पोतियों से भरापूरा परिवार है। शनिवार को बड़ी बहू सुनीता पत्नी भानुप्रताप व मझली मंजू पत्नी रामप्रताप के बीच कलह विवाद हो गया था। जिसके चलते मंजुु ने थाने में जेठ जेठानी के विरुद्ध तहरीर देकर शिकायत की थी। समस्या के समाधान के लिए धर्मराज को जब इस बात की जानकारी हुई तो धर्मराज अपने पुत्र भानु के संग थाना आकर परिसर में स्थित पेड़ के नीचे बैठकर थानाध्यक्ष के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इस दौरान अचानक उनके सीने मे दर्द उठा। दर्द का जिक्र पुत्र से करते हुए धर्मराज बेटे की बांहों में अचेत हो गए। घबराए परिजनों ने यह बात पुलिस कर्मियों को बताई। सूचना पाकर थानाध्यक्ष भी क्षेत्र से भागकर मौके पर आ गए तथा अचेत वृद्ध को लेकर बाजार के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सक ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन जब पुलिस संग जिला अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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इस संबंध मे सीओ राजकुमार का कहना है कि परिवारिक विवाद की शिकायत पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। उस दौरान थानाध्यक्ष एक दुर्घटना स्थल पर गए थे। वृद्ध परिसर में बैठकर उनके आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान धर्मराज को दिल का दौरा पड़ गया। वृद्ध को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया। वृद्ध की मौत थाने में नहीं हुई थी।
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