मऊ। माता दुर्गा की आराधना का पर्व नवरात्र की समाप्ति के बाद विजय दशमी पर पूजा महासमिति के नेतृत्व में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस रात 12 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच नगर से निकाला गया। यह जुलूस सुबह भीटी स्थित तमसा तट पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान श्रद्घालुओं ने श्रद्घा के साथ मां की प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित किया। दहशहरा पर्व मनाने के बाद
विसर्जन जुलूस में बकायदे भक्तों ने ढोल, नगाड़ों और भक्ति गीतों के धुन पर नृत्य किया। साथ ही नदी तट पर पहुंचकर गगन भेदी जयकारों के साथ प्रतिमाओं को विसर्जित किया। उधर अधिकांश ग्रामीण इलाकों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं को गगनभेदी जयकारों के साथ विसर्जित किया गया। फूलमालाओं से सजे रथों पर रखी प्रतिमाओं के जुलूस को देखने के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ जमा थी। इस दौरान जगह जगह जुलूस
को रोकर लोगों ने मां की आरती किया। दुर्गा प्रतिमा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन की परंपरा हर बार की तरह इस बार भी बखूबी निभाई गई। परंपरा के मुताबिक विजयादशमी के मौके पर प्रतिमाओं को पूजा स्थलों से हटाकर उन्हें फूलमालाओं से सजे रथों पर रखकर उन्हें शीतला माता धाम ले जाया गया। जहां रावण वध लीला के बाद पहुंचे भगवान श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण के अलावा वानरी सेना के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का दर्शन किया। साथ ही प्रतिमाओं के जुलूस को रवाना किया। दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में निकले जुलस में नगर की सभी दुर्गा प्रतिमाएं शामिल थी। प्रतिमाओं का जुलूस बाईपास रोडवेज होते हुए मिर्जाहादीपुरा, औरंगाबाद, बल्लीपुरा, संस्कृत पाठशाला, राजपुताना, घास बाजार,गोला बाजार, सदर चौक, रौजा बाजार, सिंधी कालोनी, बाल निकेतन मोड़,अंधा मोड़ और भीटी होते हुए तमसा तट पर जाकर समाप्त हो गया।
जुलूस के मार्ग पर हर ओर पीएसी, आरएएफ के जवानों की मुस्तैदी का जायजा लेने के लिए जिले के आला अधिकारी भी चक्रमण करते नजर आए। फतहपुर मंडाव संवाददाता के अनुसार, मधुबन तहसील क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया। अमिला संवाददाता के अनुसार, कस्बा स्थित पूर्वी चौक, मध्य चौक, पश्चिमी चौक पर स्थापित माता की प्रतिमा का विसर्जन शनिवार को दोहरीघाट स्थित घाघरा नदी में किया गया। इससे पूर्व, स्थापित सभी प्रतिमाओं को परे बाजार में घुमाया गया। विसर्जन जुलूस शुरू होने से पूर्व कार्यकर्ता ढोल, तासा, नगाड़ा और डीजे की धुन पर डांस करते हुए चल रहे थे। इस दौरान विसर्जन जलूस नगर के टेढी गली, कोट मुहल्ला, कोइरिटोला, सदर पश्चिमी से लगाए सदर पूर्वी तक भ्रमण किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ नगर की महिलाएं भी कुछ दूर तक जुलूस के संग चलकर माता को विदाई दी। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार, कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
इस मौके पर नगर स्थित रेलवे स्टेशन पर रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध लीला का मंचन किया गया। रावण वध होते ही दर्शक जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का गाजे बाजे के साथ घाघरा नदी में विसर्जन किया गया। जुलूस में शामिल श्रद्धालु नाचते झूमते चल रहे थे। जयकारे के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जित किया।