स्वच्छ भारत मिशन में शौचालयों के निर्माण में शिथिलता ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरियों पर भारी पड़ सकती है। समूचे जिले को ओडीएफ करने की टाइम लाइन के मद्देनजर जिलाधिकारी स्वच्छता अभियान की दैनिक समीक्षा कर रहे जिलाधिकारी को जिले के 24 गांवों के प्रधानों और सेक्रेटरियों की लापरवाही सामने आई है। इसके पूर्व भी इन गांवों के प्रधानों औरी सेक्रेटरियों को डीएम ने चेताया था। अब डीएम ने गांवों में कराए गए सभी प्रकार के शौचालयों सहित सभी प्रकार के कार्यों की जांच कराने के लिए समिति गठित कर दिया है।
यह समिति अपनी जांच 15 दिन में पूरी करके इन प्रधानों और सचिवों की भूमिका की जानकारी देगी। इस समिति में संबंधित तहसील के एसडीएम, सीओ, लेखाधिकारी और अवर अभियंता शामिल किए गए हैं। समिति की रिपोर्ट पर डीएम इन प्रधानों और सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकते हैं। डीएम की समीक्षा में फतेहपुर मंडाव ब्लाक के धर्मपुर विसुनपुर, बड़रांव ब्लाक के बनियापार ताहिरपुर के ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज करके त्रिस्तरीय समिति गठित कर दिया है। अपने दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने पर बड़रांव ब्लाक के सुनील कुमार, समसुद्दीन हैदर, कोपागंज ब्लाक के जितेंद्र कुमार, मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के मनीष कुुमार को निलंबित करने का निर्देश डीएम ने दिया है। डीपीआरओ एसपी सिंह का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन सहित किसी भी विकास कार्यों में लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह ग्राम प्रधानों के साथ सचिवों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधानों के मान सम्मान पर नहीं आने दी जाएगी आंच
मऊ। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव का कहना है कि ग्राम प्रधान भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। इनके मान स्वाभिमान पर आंच नहीं आने दी जाएगी। संगठन के प्रांतीय नेतृत्व के दिशा निर्देश पर जल्दी ही जनपदीय ईकाई की बैठक कर इस प्रकरण पर विचार किया जाएगा और जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।