मधुबन। दिसंबर माह बीतने में चंद दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन गरीबों तथा असहायों को ठंड से बचाने के लिए शासन से आया कंबल तहसील के एक कमरे की शोभा बढ़ा रहा है।हालत यह है कि गरीब ठंडक में सिकुड़ कर रह गया है।कुछ गांवों को छोड़ दे तो अब तक दर्जनों गांवों में अलाव की व्यवस्था तक नही की जा सकी है।
तहसील मधुबन क्षेत्र में लगभग साढ़े तीन सौ गांव आते हैं।जिसमें दियारा से लेकर कई दलित बस्तियां शामिल है। नवम्बर माह से ही ठंड का प्रकोप जारी है। गरीबों में कंबल वितरित करना तो दूर सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।लोगों को कंबल की आवश्यकता पड़ने लगती है। ठंड से बचने के लिए तहसील मधुबन में 1265 कंबल गरीबो में वितरण के लिए आया है, लेकिन उनका वितरण आज तक नहीं हो सका।सारे कंबल के बंडल तहसील कार्यालय की शोभा बढ़ा रहे हैं।लेकिन स्थानीय प्रशासन के पास उसे बांटने तक कि फुरसत तक नहीं है, जिससे गरीब तथा असहाय कंबल के अभाव में ठिठुरने को विवश हैं।कई लोग आए द िन तहसील के चक्कर काट रहे हैं। कंबल वितरण की प्रक्रिया कब तक पूरी हो जाएगी आला अधिकारी बताने की स्थिति में नहीं हैं। लोगों का कहना है कि भीषण ठंड के मौसम में न तो अलाव जलवाया जा रहा है और न ही कंबल वितरण शुरू हो रहा है। इस बाबत तहसीलदार हरिश्चंद्र द्विवेदी का कहना है कि अभी कुछ ही कंबल वितरित हो पाए हैं। जल्दी ही वितरित कर दिया जाएगा।