मऊ। जिले में अभी भी 14 हजार किसान ऐसे हैं जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है। इतनी भारी संख्या में किसानों को सरकार की कृषि योजनाओं के अनुदान के लाभ से वंचित होना पड़ेगा। विभाग की लाख कवायदों के बावजूद 14 हजार किसानों का पंजीकरण नहीं हो सका है।
जिले में कुल दो लाख 62 हजार152 किसान चिन्हित हैं। इनमें से दो लाख 48 हजार किसानों का पंजीकरण हो चुका है। पंजीकरण के साथ इन किसानों के बैंक खातों में कृषि योजनाओं की सब्सिडी की रकम जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया। बताते चले दो साल पहले ही सरकार ने किसानों को कृषि योजनाओं की सब्सिडी उनके बैंक खातों में भेजे जाने का निर्णय लिया था। इसके बाद किसानों का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया। इसके लिए शासन ने प्रसार प्रचार करने के निर्देश दिए थे। पंजीकरण के लिए जिले के सभी नौ ब्लाक मुख्यालयों पर केंद्र बनाए गए है। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर कृषि भवन में भी किसान पंजीकरण केंद्र खोला गया है। दो लाख 48 हजार किसानों ने अब तक पंजीकरण करा भी लिया है। लाख कवायद के बावजूद अभी भी14 हजार किसान पंजीकरण से वंचित हैं। इन्हें किसानों से जुडी किसी भी सरकारी योजना के अनुदान का लाभ नहीं मिल रहा है।
नियत प्रावधान के अनुसार किसानों को दी जाने वाली सभी प्रकार के संशोधित बीजों, कीटनाशकों और कृषि उपकरणों पर पूर्व की भांति दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई। इसके स्थान पर अब किसानों के बैंक खातों में अनुदान की रकम नगद भेजी जा रही है। यह सब्सिडी उन्हीं किसानों को दी जा रही है जिनका पंजीकरण कृषि विभाग में हो चुका है।इस तरह जिले के पंजीकृत दो लाख 48 हजार पंजीकृत किसान सरकारी योजनाओं का लाभ पा रहे हैं। लेकिन अपंजीकृत 14 हजार किसान योजनाओं के अनुदान से वंचित हैं। यह किसानों की उदासीनता और विभाग की तरफ से प्रसार प्रचार की कमी की पुष्टि करता है।