मऊ। शासन द्वारा 50 वर्ष आयु पूरी करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों की स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद अक्षम पाए जाने पर सेवानिवृत्त करने के फरमान के विरोध में जिले के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों तथा समाजसेवियों के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को जुलूस निकाला गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने में तब्दील हो गया। धरना के बाद जिलाधिकारी को संबोधित नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक राजेश शर्मा ने कहा कि जनपद में हो रहे समायोजन,स्थानांतरण को पारदर्शी बनाया जाए। प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में अनिवार्य रुप से विज्ञान गणित शिक्षक रखा जाए। शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त रखा जाए। पदोन्नति की कार्यवाही की जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता रामविलास भारती ने कहा कि शासन द्वारा शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों के 50 वर्ष आयु पूर्ण होने पर उनका स्क्रीनिंग टेस्ट कर अक्षम पाए जाने पर सेवानिवृत्त करने संबंधित आदेेश को वापस लिया जाए। क्योंकि 50 वर्ष की आयु के हर व्यक्ति को किसी न किसी पक्षपात का शिकार होना पड़ेगा। शासन की गलत नीतियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त रुप से प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव ने कहा कि शासन द्वारा सभी विभागों का निजीकरण करके सरकारी नौकरियों से वंचित किया जा रहा है। इस अवसर पर साधना यादव, अश्वनी कुुमार, सच्चिदानंद यादव, तपेश्वर राम, धर्मवीर, इंद्रपति यादव, रामरतन, अखिलेेश, गोपाल, रामजनम यादव, राजेश्वर खरवार, रामअशीष, दयाशंकर यादव आदि शामिल रहे।