मऊ/कोपागंज। कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के पांच गांवों में कराए गए विकास कार्यो में गोलमाल का मामला सामने आया है। सेक्रेटरी ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बिना काम कराए ही गांवों से 41 लाख रुपया से अधिक का भुगतान करा लिया। भाजपा गोरख प्रांत के क्षेत्रीय मंत्री अखिलेश तिवारी ने आयुक्त आजमगढ़ तथा जिलाधिकारी को पत्र देकर मामले की जांच कराने की गुुहार लगाई। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है। कोपागंज विकासखंड क्षेत्र के कई गांवों में कागज में ही विकास कार्य कराए गए हैं। शिकायतकर्ता गोरख प्रांत के क्षेत्रीय मंत्री अखिलेश तिवारी के अनुसार कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के खालिसपुर कलस्टर में तैनात सेक्रेटरी को विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से गत 28 मई 2022 को उसके मूल कलस्टर से सभी नियमो को ताक पर रखते हुए 40 किमी दूर गंगुआबारी कलस्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। सेक्रेटरी को गंगुआबारी कलस्टर का अतिरिक्त प्रभार मिलते ही कलस्टर के अंतर्गत गंगुआबारी, मसीना और तिघरा में एक दिन भी विकास कार्य न करने के बाबजूद मनमाने तरीके से वाटर सप्लाई मेंटेंस, डेवलेपमेंट और मेंटेन्स, हेल्थ, फेमिली वेलफेयर तथा हैंडपंप रिबोर आदि के नाम पर तैनाती के चार दिन के अंदर 29 मई, 30 मई 31 मई, एक जून और तीन जून के तारीखों में गंगुआबारी ग्राम सभा से 939015 रुपया, मसीना से 414365 रुपया और तिघरा ग्राम सभा से 314127 रुपया सहित कुल 16,67,507 रुपया का भुगतान राज्य वित्त और पंद्रहवे वित्त से कर दिया गया। इसके अलावा 16 जुलाई तक गंगुआबारी कलस्टर के गांवों से नोकाहट से 2,05,692 रुपया, बीबीपुर 1,28,181 रुपया, मसीना से 868412 रुपया, गंगुआबारी से 25,82,924 रुपया और तिघरा से 3,14145 रुपया का भुगतान करा लिया गया। अखिलेश तिवारी ने कलस्टर के सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सेक्रेटरी द्वारा पांचों ग्राम सभा से एक महीने के अंतराल में बिना कार्य कराए 41 लाख से अधिक का भुगतान किया गया है। साथ ही आयुक्त आजमगढ़ तथा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पुरे मामले की उच्च्स्तरीय जांच कराने की मांग किया। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विकास अधिकारी को जांच टीम गठित करनेका निर्देश दिया है। खंड विकास अधिकारी हरिमोहन सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर जांच टीम गठित कर दी गई है। टीम की रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।