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सड़कों पर दौड़ रही अनफिट 39 एंबुलेंस

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मऊ। नगर सहित जिले में अनफिट एंबुलेंस मरीजों और शवों को लेकर सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनमें कई की उम्र पूरी भी हो चुकी है, जो हर पल दुर्घटना को दावत दे रही हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी मौन हैं। विभागीय अभिलेखों में अनफिट 39 एंबुलेंस संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। जिले में 54 सरकारी तथा 100 निजी एंबुलेंस संचालित हैं। सड़कों पर दौड़ रही अनफिट एंबुलेंस के मामले में परिवहन विभाग भी कार्रवाई के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर रहा है। एंबुलेंस चालक मोटी रकम लेकर एंबुलेंस बुक तो कर लेते हैं लेकिन रास्ते में मरीजों को जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पाती हैं। इनमें कई की उम्र पूरी भी हो चुकी है। परिवहन और स्वास्थ्य विभाग भी मानकों का संज्ञान नहीं लेते। जबकि फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तीन सदस्यों की टीम गठित की गई है। टीम में शामिल चिकित्सक एंबुलेंस की जांच कर यह तय करते हैं कि उसमें मानक के अनुसार आवश्यक सभी चिकित्सकीय उपकरण व दवाएं उपलब्ध हैं अथवा नहीं। उनकी संस्तुति के बाद ही परिवहन विभाग के अधिकारी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करते हैं। लेकिन फिटनेस प्रमाण पत्र को लेकर न एंबुलेंस चालक जागरूक हैं और न स्वास्थ्य और परिवहन विभाग। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी सरकारी एंबुलेंस मानक के अनुरुप बता रहे हैं। जबकि निजी एंबुलेंस का फिटनेस प्रमाण पत्र एआरटीओ आफिस से जारी होना बता रहे हैं। विभागीय अभिलेखों में अनफिट 39 एंबुलेंस संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। एआरटीओ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि समय-समय पर एंबुलेंस की जांच पड़ताल की जाती है। अनफिट 39 एंबुलेंस सचालकों को नोटिस जारी की गई है। वहीं नोडल अधिकारी एंबुलेंस रविशंकर ओझा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से संचालित सभी एंबुलेंस मानक केे अनुरुप चल रही हैं। निजी एंबुलेंस का फिटनेस प्रमाण पत्र एआरटीओ कार्यालय से जारी होता है।
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