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Mau News: 35 फीसदी पाइपलाइन जर्जर, हर महीने लीकेज की 150 शिकायतें, मरम्मत पर खर्च हो रहे तीन लाख

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नगर पालिका के मुंशीपुरा में पेयजल पाइप लीकेज को सही किया गया।संवाद
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नगर पालिका के 45 वार्ड में पेयजल के लिए बिछी 550 किमी लंबी पाइपलाइन में 35 फीसदी से अधिक जर्जर अवस्था है। इसके कारण लीकेज की समस्या आम बात है। नगर पालिका के जलकल में हर महीने 150 से अधिक शिकायतें आ रही हैं। जिनके समाधान करीब तीन लाख खर्च हो रहे हैं।
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हर महीने आने वाली 150 शिकायतों के निस्तारण पर तीन लाख से अधिक की राशि खर्च हो रही है। नगर पालिका को हर माह जल कर से दस लाख से कम का राजस्व प्राप्त होता है।
जलकल प्रभारी पंकज ने बताया कि लीकेज की रोज चार से पांच शिकायतें आती हैं। शहर के 45 वार्डों के करीब 3.50 लाख की आबादी में कई जगहों पर लोग दूषित जलापूर्ति की समस्या झेल रहे हैं।
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कारण नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछी 550 किमी लंबी पाइप लाइन में 35 फीसदी यानी 250 किलोमीटर पाइप लाइन जर्जर है।
इसमें तो कई पाइप लाइन नाले नाली के पास से गुजरी है, यहां लीकेज की बात करें तो हर दिन चार पांच तो हर महीने औसतन 150 शिकायतें आ रही हैं। इसकी मरम्मत में नगर पालिका का जलकर विभाग हर माह से तीन से चार लाख की राशि खर्च कर रहा है।
हर माह जलकर के रूप में यह विभाग 28 हजार 144 उपभोक्ताओं से हर माह दस लाख तक ही राजस्व वसूल कर पाता है। इस सप्ताह में बुधवार तक 17 शिकायतें आई।
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सड़क के बीचोबीच सीमेंटेड पाइपलाइन
पेयजल आपूर्ति के लिए भीटी से बहादुरगंज जाने वाले मार्ग पर बसे मुसरदह मोड़, हनुमान नगर, यादव नगर, नसोपुर सहित कई मुहल्ले में पेयजल अब भी सीमेंटेड पाइप लाइन जो कि तीन दशक से ज्यादा पुरानी हो चुकी है। यह पाइप लाइन अब मुख्य सड़क के बीचोबीच आ चुकी है। इससे भारी वाहनों के गुजरने से आए दिन लीकेज की समस्या होती है। अब नगर पालिका द्वारा इस रास्ते की मेन लाइन को बदलने की कवायद 45 लाख की लागत से की जा रही है।

परदहा, बकवल, भीटी, सदर बाजार में सबसे ज्यादा समस्या
पानी लीकेज की शिकायतें अधिकतर इलाकों से आ रही हैं, लेकिन परदहा, बकवल, भीटी, सदर बाजार में इसका संकट सबसे अधिक है, इससे करीब बीस हजार की आबादी प्रभावित हैं।लीकेज की समस्या से कई घर जो कि ऊंचाई पर हैं, वहां फ्लो से पानी नहीं पहुंच पाता है। लीकेज की मरम्मत के चलते कई घंटों तक आपूर्ति बाधित होने की दोहरी समस्या से री नगरवासी परेशान होते हैं। नियमानुसार व्यक्ति 132 लीटर पानी की खपत का पैमाना तय है। ऐसे में 290 एमएलडी पानी रोज चाहिए, लेकिन बमुश्किल 170 एमएलडी पानी ही लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है।

ज्यादा लीकेज की समस्या वाली पुरानी पाइपलाइन को बदलने के लिए सर्वे चल रहा है। कई वार्डों में सर्वे होने के बाद बदलने की कवायद चल रही है।
-दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका

नगर पालिका के मुंशीपुरा में पेयजल पाइप लीकेज को सही किया गया।संवाद

नगर पालिका के मुंशीपुरा में पेयजल पाइप लीकेज को सही किया गया।संवाद

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