फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हत्या के प्रयास और जालसाजी में तीन की जमानत खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा और वीरनायक सिंह ने हत्या का प्रयास और फर्जी टीटी बनकर टिकट चेकिंग करने के और नाबालिग लड़की के साथ दुराचार करने तथा दुराचार के प्रयास के अलग-अलग मामलों में सुनवाई की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए नामंजूर कर दिया।
विज्ञापन

केस एक: अभियोजन के अनुसार मोहम्मद एहतेशाम निवासी सैयदवाड़ा अपने बड़े भाई जीशान के साथ घर से सायं छह बजे बाजार आ रहा था। रास्ते में महबूब, तस्लीम, शाहिद, अमान, नौशाद आदि 15 से 20 लोग वादी और उसके भाई को पकड़ कर मारने लगे। महबूब चाकू से वादी को मारने लगा आमान व शाहिद वादी के भाई पर तलवार से हमला कर घायल कर दिए। मामले में आरोपी आदर्श नगर निवासी शाहिद और बरामदपुर मंसूरपुर निवासी तसलीम की ओर से जमानत की अर्जी दी थी।
केस दो: अभियोजन कथानक के अनुसार वादी इंद्र कुमार जैन 25 जुलाई 18 को गोरखपुर से वाराणसी सिटी बतौर कंडक्टर कार्यरत थे। इस दौरान एसी एक कोच में एक व्यक्ति फर्जी टिकट निरीक्षक बनकर यात्रियों का टिकट चेक कर रहा था। जिसके आधार पर उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराया। मामले में आरोपी जनपद देवरिया के मदनपुर थाना क्षेत्र के पकड़ी तिवारी निवासी हरिकेश कुमार की ओर से जमानत की अर्जी दी गई।
विज्ञापन

केस तीन: अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 10 वर्षीय बहन घर से निकली थी कि आरोपित 17 जून को घर के बाहर बने शौचालय में खींच कर दुराचार करने की कोशिश की तथा जान से मारने की धमकी दी। आरोपी कोतवाली नगर के रघुनाथपुरा निवासी मोहम्मद ओजैर उर्फ वारा ने जमानत अर्जी दी थी।
केस चार: अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की नाबालिग लड़की को आरोपित बहला-फुसलाकर भगा ले गया और दुराचार किया। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के कमथरी निवासी छोटूलाल ने जमानत अर्जी दी थी। बचाव पक्ष के द्वारा कहा गया कि आरोपित को फर्जी मुकदमे में फंसाया गया है। जबकि अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया। सभी मामलों में न्यायाधीशों ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी नामंजूर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें