मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जज श्री आहूजा की अदालत ने गैर इरादतन हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने और अपमिश्रित शराब बरामदगी के तीन मामले में चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
केस एक: हलधरपुर थाना क्षेत्र के अभियोजन कथानक के अनुसार प्रार्थी संतोष गुप्ता ने प्रार्थना पत्र दिया की 31 मई 2018 को उसकी मां रीता देवी घर में अकेली थी। आरोपी तथा उनकी माता मालती देवी ने रात दो बजे वादी की मां पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी जिसमें रीता देवी की मृत्यु हो गई। मामले में आरोपी रतनपुरा निवासी हरेंद्र गुप्ता की ओर से जमानत की अर्जी दी गई।
केस दो: घोसी थाना क्षेत्र के नदवासराय निवासी महेश ने 15 जुलाई 2018 को प्रार्थना पत्र दिया कि शाम को बच्चों के विवाद को लेकर प्रभु, अर्जुन, किशुन, रामानंद एक राय होकर गाली देते हुए उसे और उसकी पत्नी को मारपीट कर घायल कर दिए। मामले में आरोपी नदवासराय निवासी प्रभु कनौजिया अर्जुन कनौजिया जोर से जमानत की अर्जी दी गई सुनवाई के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
केस तीन: तीसरे मामला अपमिश्रित शराब बरामदगी का है बिहार प्रांत के जनपद सिवान के थाना रघुनाथपुर क्षेत्र के सामी सोनकरा बालपर निवासी राजेश यादव की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। उक्त सभी मामलों में सुनवाई करते हुए जज ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।