मऊ। पूर्वांचल में आए दिन बैंकों में चोरी की घटनाएं होने से बैंकों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगा है। रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार बैंकों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं की जा सकी है। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। पुलिस प्रशासन बैंक प्रबंधकों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिले में भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक सहित विभिन्न बैंकों की लगभग 350 से अधिक शाखाएं हैं। बैंक शाखाओं में सात सुरक्षा गार्ड की तैनाती करने बैंकों में सीसीटीवी, एलार्म, ई सर्विलांस सहित विभिन्न सुरक्षा सिस्टम को सुदृढ़ करने का निर्देश है। लेकिन बैंक प्रशासन की तरफ से सुरक्षा नियमों पर शत प्रतिशत अमल करने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। बैंकों में दो से तीन सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश बैंकों में तो सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति तक नहीं की गई है। रात के समय अधिकतर बैंकों की सुरक्षा पुलिस तथा होमगार्ड तथा चौकीदारों पर निर्भर है। पूूर्वांचल में बैंकों में हो रही घटनाओं के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की तरफ से बैंक प्रबंधकों की बैठक लेकर सुरक्षा के सभी उपाय करने का निर्देश दिया जा रहा है। रतनपुरा संवाददाता के अनुसार स्थानीय ब्लाक मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक, पूर्वांचल बैंक, जिला सहकारी बैंक में गार्डों कऱ्ी तैनाती ही नहीं है। जबकि अन्य बैंकों में मानक के अनुरूप गार्डों की तैनाती नहीं है। घटनाओं पर नजर डाला जाए तो गत वर्ष घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला कस्बा स्थित काशी गोमती ग्रामीण बैंक में चोरी करने का प्रयास किया गया था। इसी तरह मर्यादपुर बाजार में भी चोरी की घटना का प्रयास हुआ था। कुल मिलाकर बैंकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इस बाबत जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक गिरीश चंद्रा का कहना है कि बैंकों की सुरक्षा की मानीटरिंग रिजनल आफिस के सुरक्षा अधिकारी करते हैं। दिशा निर्देश पुलिस के पास ही आते हैं।