सरयू नदी की रेत में मिले चांदी के शिवलिंग ने आस्थावानों में खुशी पैदा कर दी। कस्बा हर हर महादेव से गूंज उठा। हजारोें की संख्या में जुटे लोगों ने शिवलिंग का दर्शन कर पूजन किया। चांदी का शिवलिंग होने के नाते मेला राम बाबा मंदिर के बगल में शिव मंदिर पर उसे रखा गया। यहां शिवमंदिर के पुजारी श्याम बाबा ने रुद्राभिषेक कर इसकी सूचना पुलिस को दी।
हालांकि पुलिस शिवलिंग को सुरक्षा की दृष्टि से थाने तो ले आई लेकिन श्रद्धालुओं का रेला उस चांदी के शिवलिंग को देखने के लिए उमड़ता रहा। कस्बे की हर गली, नुक्कड़, चौराहे पर लोग शिवलिंग की ही चर्चा करते रहे। लोग इसे महादेव का चमत्कार ही बताते रहे कि उन्होंने कस्बावासियों को दर्शन देकर उन्हें श्रावण मास का बेहतर पुण्य दे दिया।
थाने में रखा हुआ शिवलिंग
- फोटो : अमर उजाला
जुलाई माह में मछली के बच्चे ‘जीरा’ को पकड़ा जाता है। इसे पकड़ने के लिए मछुआरे भोर तथा शाम को लगे रहते हैं। है। क्योंकि उस समय ‘जीरा’ ऊपरी सतह पर किनारे रहते हैं। शनिवार की भोर में भी मछुआरे ‘जीरा’ के लिए जाल लगा रहे थे। इसी दौरान उन्हें शिवलिंग मिला। जीरा मछली के बीज को लेकर कहा जाता है कि मछुआरे इसे पकड़ने के बाद इसे मछुआरे बड़े बड़े हौद में पालते हैं। इसके बाद इसे बेच देते हैं। इसकी विशेषता है कि यह साल भर में दो किलो से ज्यादा का हो जाता है।