जिले में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर अगले वित्तीय वर्ष में 259 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रभारी मंत्री इकबाल महमूद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में सोमवार को हुई बैठक में जिला योजना के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। योजना में सबसे ज्यादा बल ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता की योजनाओं पर दिया गया है।
जिला योजना वर्ष 2016-17 में 3500 लघु एवं सीमान्त कृषकों की फ्री बोरिंग, पांच मध्यम गहरी बोरिंग, पशु चिकित्सालय मर्यादपुर, सदर अस्पताल, सुल्तानपुर, दोहरीघाट एवं बड़रॉव का आवासीय एवं अनावासीय भवन निर्माण, 10 नई दुग्ध समितियों का गठन एवं आटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट की स्थापना, पंचायतीराज के अन्तर्गत 20.14 किलोमीटर के गॉवों में आन्तरिक मार्ग का निर्माण तथा 25 पंचायत भवनों का निर्माण, अतिरिक्त ऊर्जा कार्यक्रम के अन्तर्गत 440 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
केंद्र और राज्य के अनुदान को मिलाकर 259.42 करोड़ का बजट पास किया गया। बजट 43 फीसदी यानी 112.37 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पूंजीगत मद में व्यय की जोगी जबकि 52.22 करोड़ रुपये स्पेशल कंपोनेंट प्लान में खर्च होंगे। कृषि पर 4.11 करोड़, पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास पर 3.25 करोड़, शिक्षा पर 4.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य पर 38.44 और ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता पर 47.76 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जिले में 30.88 करोड़ रुपये से मकान बनवाए जएंगे। नगरीय पेयजल एवं अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2.36 करोड़ और अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व पिछड़ी जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति तथा वृद्धावस्था एवं निराश्रित महिलाओं को सहायता के लिए 7.11करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित किया गया।