विकास भवन में बुधवार को कार्यालय का निरीक्षण करते डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी।
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जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बुधवार की शाम 4.30 बजे विकास भवन स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान लगभ्ाग 25 अधिकारी तथा कर्मचारी नदारद रहे। लापरवाही की स्थिति रही कि रजिस्टर पर हाजिरी लगाकर कर्मचारी गायब रहे। डीएम ने लापरवाह अधिकारियों तथा कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने सहित स्पष्टीकरण का मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया।
डीएम के निरीक्षण में जिला विकास कार्यालय में प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक, कई कनिष्ठ सहायको के साथ ही वाहन चालक गायब मिले। जबकि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास पुष्टाहार एवं सहायक निदेशक बचत भी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए। कार्यालय में बायोमैट्रिक सिस्टम सही तरीके से लागू नहीं मिला। निरीक्षण में विकास भवन परिसर के अंदर कई स्थानों पर घास उगी मिली। कई खिड़कियों के शीशे टूटे मिले और दीवारों पर जगह-जगह सीलन पान, गुटखा के पीक के निशान दिखे तो डीएम गरम हो गए।
जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि फाइलों का रख-रखाव समुचित ढ़ंग से किया जाए। आलमारी एवं अन्य कार्यालय भवन में भी सफाई व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। चेताया कि सभी अधिकारी कार्य दिवस में कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें।
डीएम ने रिपोर्ट में बताया कि कार्यालय में काफी संख्या में कर्मचारी अनुस्थित मिले। साथ कोई भी अधिकारी भी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाया गया। प्रतीत होता है कि कर्मचारियों की उपस्थिति की मॉनीटरिंग नियमित रूप से नहीं की जा रही है।जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी से अनुपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने की दशा में एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।