तालीमुद्दीन इंटर कालेज में जंचने के लिए पहुंची हाईस्कूल और इंटरमिडिएट की कापी।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन छह संकलन केंद्रों पर बुधवार 30 मार्च से शुरू होगा। मूल्यांकन को लेकर चल रही तैयारी मंगलवार को पूरी हो गईं। बोर्ड से जिले के सभी केंद्रों पर कुल 9.32 लाख उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गई हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 2495 परीक्षकों की तैनाती की गई है। लेकिन अब तक लगभग 50 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाएं ही मूल्यांकन के लिए आई हैं।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए छह संकलन केंद्र बनाए गए हैं। नगर स्थित तालीमुद्दीन इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज, नोमानी इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की कापियां जांची जाएगी। जबकि टाउन इंटर कालेज मुहम्मदाबाद गोहना, शहीद इंटर कालेज मधुबन, मुस्लिम इंटर कालेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। 30 मार्च से 15 अप्रैल तक मूल्यांकन किया जाना है।
नगर स्थित डीएवी इंटर कालेज में 2.40 हजार इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 46 टोलियां बनाई गई हैं। टोली में 464 परीक्षकों को तैनाती की गई है। प्रधानाचार्य देवभाष्कर तिवारी ने बताया कि तैयारी पूरी कर ली गई है।
30 मार्च को परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधित दिशा निर्देश दिए जाएंगे। एएल नोमानी इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की 1.57 लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 38 टोलियां बनाई गई हैं। उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए 394 परीक्षकों की तैनाती की गई है। प्रधानाचार्य उस्मान अली ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की खेप आ रही है। तैयारी पूरी कर ली गई है।
तालीमुद्दीन इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की 1.85 लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 47 टोलियां बनाई गई हैं। इसमें 413 परीक्षकों की तैनाती की गई है। इसी तरह शहीद इंटर कालेज मधुबन में हाईस्कूल की 75000 उत्तर पुस्तिकाओं के जांचने के लिए 37 टोलियां बनाई गई हैं। टोलियों में 338 परीक्षकों की तैनाती की गई है।
प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह का कहना था कि 50 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाएं ही जांचने के लिए आई हैं। टाउन इंटर कालेज में हाईस्कूल की 1.60 लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 47 टोलियां बनाई गई हैं। टोलियों में 430 परीक्षकों की तैनाती की गई है। मुस्लिम इंटर कालेज में हाईस्कूूल की दो लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 41 टोलियां बनाई गई हैं। कुल 450 परीक्षकों की तैनाती की गई है।