मऊ। जनपद के पांच एप्रोच मार्ग पर अभी तक न तो संकेतक लगाए गए हैं और न बिजली की सप्लाई हो सकी है। ऐसे में ठंड के साथ घने कोहरे के बीच हादसों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जिले में 24 हाट स्पाट चिह्नित किए गए हैं किन सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम नहीं किए गए। यही वजह है कि इस वर्ष जिले में 232 सड़क हादसों में 122 लोग जान गवां चुके हैं, जबकि 159 लोग घायल हुए हैं। वाराणसी से गोरखपुर जाने वाले फोरलेन पर जनपद में बढ़ुआ गोदाम, कोपागंज के भदसा मानोपुर, घोसी के सोनाड़ीह और तिलई बुजुर्ग और दोहरीघाट के गाेंठा के पास एप्रोच मार्ग है, यहां कुछ स्थानों पर संकेतक भी नहीं लगा है, दिन में तो लोग किरी तरह आवागमन करते है, जबकि रात में एप्रोच मार्ग पर कोई लाइट नहीं जलने से हादसों का भय बना हुआ है। विभाग की लापरवाही का से लोगों के अंदर जागरूकता की भी कमी है। यही वजह है कि जिले में इस वर्ष जनवरी से नवंबर तक 232 सड़क हादसों में 122 लोग जान गवां चुके हैं, जबकि 159 लोग घायल हुए हैं।