मऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने में मात्र 26 दिन बाकी है, लेकिन अभी तक अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर तैयारी आधी अधूरी ही नजर आ रही है। विभाग की तरफ से समस्त परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों से 15 बिंदुओं पर सुविधाएं बहाल कर देने की रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अभी तक अधिकांश केंद्रों पर कुछ न कुछ कमियां हैैं। जबकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि समस्त परीक्षा केंद्रों से रिपोर्ट आ गई है। जबकि हकीकत कुछ और ही है।
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिले में 157 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। आगामी सात फरवरी से बोर्ड परीक्षा होनी है। बोर्ड परीक्षा में 106685 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर चहारदीवारी होने, वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा, विद्युत व्यवस्था सहित 15 बिंदुओं पर सुुविधाएं बहाल करना था। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापकों को 14 नवंबर तक डीआईओएस कार्यालय में लिखित रिपोर्ट भेजनी थी। सूत्रों की माने तो अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर वायस रिकॉर्डर न लगने, आरओ का पानी आदि सुविधाएं बहाल करने में कुछ न कुछ कमियां हैं। इसके चलते केंद्र व्यवस्थापक लिखित रिपोर्ट भेजने में अभी आनाकानी कर रहे हैं। जबकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि परीक्षा केंद्रों पर सभी सुविधाएं बहाल होने के साथ सभी केंद्र व्यवस्थापकों की रिपोर्ट भी मिल गई है। इस बाबत डीआईओएस डॉ. केसी भारती का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर सभी सुविधाएं बहाल करने के मामले में सभी केंद्र व्यवस्थापकों की रिपोर्ट आ गई है। निरीक्षण में गड़बड़ी मिली तो संबंधित परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्र बनने के ये हैं मानक
प्रत्येक कक्ष में वायस रिकार्डर के साथ सीसीटीवी कैमरा हो।
चहारदीवारी हो।
विद्युत व्यवस्था हो, तार जर्जर न हो।
कमरों में पर्याप्त रोशनी हो।
बेंच टूटी फूटी न हो, छत तथा दीवारें क्रेक न हो।
परीक्षार्थियों के लिए आरओयुक्त पानी की सुविधा।
छात्र छात्राओं के लिए अलग-अल्रग टायलेट की सुविधा